
Rupee vs Dollar: मुंबई: वैश्विक तनाव में नरमी और विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 27 पैसे मजबूत होकर 84.96 पर पहुंच गया। आर्थिक संकेतकों में सुधार और घरेलू मांग में मजबूती ने रुपये को संबल दिया।
मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विनिर्माण और औद्योगिक उत्पादन में तीन प्रतिशत की वृद्धि ने बाजार की धारणा को सकारात्मक दिशा में मोड़ा है। यही नहीं, विदेशी पूंजी के सतत प्रवाह और घरेलू शेयर बाजारों की मजबूती ने रुपये को सहारा दिया।

-रुपया मजबूती के साथ 84.96 के स्तर तक
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 85.06 पर खुला और फिर मजबूती दिखाते हुए 84.96 के स्तर तक पहुंचा, जो पिछले सत्र के मुकाबले 27 पैसे की बढ़त दर्शाता है। इससे पहले सोमवार को रुपया 18 पैसे की मजबूती के साथ 85.23 पर बंद हुआ था।
इस दौरान, अमेरिकी डॉलर का सूचकांक – जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले इसकी स्थिति दर्शाता है – 0.17 प्रतिशत बढ़कर 99.18 पर आ गया। वैश्विक तेल बाजार में भी स्थिरता रही, जहां ब्रेंट क्रूड वायदा 0.68 प्रतिशत बढ़कर 65.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
-शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल
घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल रहा। बीएसई सेंसेक्स में 404 अंकों की तेजी देखी गई, जो इसे 80,622.37 अंक तक ले गया, वहीं निफ्टी 115.40 अंकों की बढ़त के साथ 24,443.90 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बात करें तो उन्होंने सोमवार को कुल 2,474.10 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे, जिससे घरेलू बाजार में सकारात्मक लहर बनी रही।
आर्थिक मोर्चे पर भी भारत के लिए कुछ अच्छे संकेत मिले हैं। औद्योगिक उत्पादन मार्च 2025 में 3 प्रतिशत पर रहा, जो फरवरी की 2.7 प्रतिशत की तुलना में थोड़ी वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि, सालाना आधार पर यह आंकड़ा पिछली मार्च की 5.5 प्रतिशत की तुलना में कम रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेश और घरेलू मांग का यह रुझान बना रहा, तो रुपया निकट भविष्य में और मजबूत हो सकता है।
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