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SEBI ने निवेश डीमैट में रखने को लेकर वैकल्पिक निवेश कोष के लिए दिशानिर्देश जारी किए

नए दिशानिर्देशों के तहत अगर सेबी ने छूट नहीं दी है तो एआईएफ को अपने निवेश को डीमैट यानी डिजीटल तरीके से रखना आवश्यक है। सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि 1 अक्तूबर 2024 से प्रभावी नई व्यवस्था के तहत इस तिथि के बाद एआईएफ की तरफ से किया गया कोई भी निवेश डीमैट रूप में रखना होगा।

हालांकि, इस तिथि से पहले किए गए निवेश को कुछ मामलों में छूट दी गई है, लेकिन निवेश कंपनी को कानूनी रूप से डीमैट में रखने की जरूरत है या जब एआईएफ अकेले या अन्य सेबी पंजीकृत संस्थाओं के साथ, निवेश वाली कंपनी पर नियंत्रण रखता है, उन मामलों में उसे डीमैट में ही निवेश रखने जरूरत होगी।

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