Site icon Dainik Savera Times

SEBI का 5,000 करोड़ के कर्ज वाली कंपनियों को HVDLE की सूची में डालने का प्रस्ताव

नई दिल्ली : बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अधिक कर्ज में डूबी कंपनियों के अनुपालन बोझ को कम करने के लिए नई रूपरेखा का प्रस्ताव किया है। सेबी ने कहा कि इसके तहत अब किसी कंपनी पर एक हजार करोड़ रुपए के बजाय 5,000 करोड़ रुपए का कर्ज होने पर उच्च मूल्य कर्ज वाली सूचीबद्ध इकाइयों (एचवीडीएलई) में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें कहा कि इस कदम से एचवीडीएलई के रूप में वर्गीकृत इकाइयों की संख्या वर्तमान के 137 से 64} घटकर 48 हो जाएगी।
प्रस्ताव का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना तथा कारोबार सुगमता को बढ़ावा देना है। एचवीडीएलई के लिए कॉरपोरेट प्रशासन मानदंड पहली बार सितंबर, 2021 से 31 मार्च, 2025 तक अनुपालन-या-स्पष्टीकरण के आधार पर पेश किए गए थे। अप्रैल, 2025 से ये अनिवार्य हो गए। ये मानदंड 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक की सूचीबद्ध बकाया गैर-परिवर्तनीय ऋण प्रतिभूतियों वाली सभी इकाइयों पर लागू होते हैं।
ये भी पढ़ें- Punjab Budget Session 2026: पंजाब सरकार आज पेश करेगी आखिरी बजट, महिलाओं और युवाओं के लिए होंगी बड़ी घोषणाएं
Exit mobile version