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लाल निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 300 अंक फिसला; वैश्विक संकेत कमजोर

stock market opens lower Sensex falls 300 points global cues weak India

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पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध के तेज होने की चिंताओं के बीच सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इसके पहले सोमवार को भी बाजार लाल रंग में खुला था।

इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 372.49 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 73,734.36 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 129.55 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 22,838.70 पर खुला। इसके अलावा, बैंक निफ्टी 350.40 अंक या 0.67 प्रतिशत गिरकर 52,258.70 पर खुला।

खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:28 बजे के करीब) सेंसेक्स 0.43 प्रतिशत यानी 315.64 अंक गिरकर 73,791.21 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 0.38 प्रतिशत या 87.40 अंक गिरकर 22,880.85 पर कारोबार कर रहा था।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.23 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

वहीं सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी में 0.93 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.15 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली। जबकि निफ्टी ऑटो में 1.33 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

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निफ्टी 50 में हिंडाल्को, विप्रो, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, ओएनजीसी, आईटीसी और टीसीएस में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जबकि इसके विपरीत मैक्स हेल्थ, इंडिगो, एमएंडएम, इटरनल, आयशर मोटर, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर सबसे ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार इस समय बेहद सतर्क हैं, क्योंकि एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक समयसीमा नजदीक आ रही है। निवेशकों की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए अल्टीमेटम पर टिकी हुई है, जिसकी समयसीमा भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 6:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार रात 8:00 बजे) है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलता, तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिसकी मुख्य वजह यह है कि ट्रंप ने अपने अल्टीमेटम को दोहराते हुए ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की चेतावनी दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई गुजरती है, 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण बाधित है, जिससे इस साल अब तक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।

वहीं, ईरान ने अमेरिका समर्थित 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसे पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये जैसे देशों ने समर्थन दिया था। ईरान का कहना है कि वह स्थायी शांति, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई चाहता है।

एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए निकट अवधि का रेजिस्टेंस 23,465 पर है, जबकि सपोर्ट लेवल 22,800 और 22,540 पर देखा जा रहा है।

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