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निवेशकों को मिली राहत, सेंसेक्स में 850 अंकों की बढ़त; बाजार हरे निशान में खुला

Sensex jumps 850 points market opens higher investor relief

Sensex jumps 850 points market opens higher investor relief

अमेरिकी-ईरान शांति वार्ता की खबरों के बीच वैश्विक बाजार के सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी तेजी के साथ हरे निशान में खुला।

इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स जहां अपने पिछले बंद 74,068.45 से 583.56 अंक (0.79 प्रतिशत) बढ़कर 74,652.01 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद 22,912.40 से 152 अंकों (0.66 प्रतिशत) की उछाल के साथ 23,064.40 पर खुला।

हालांकि खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.27 बजे के करीब) सेंसेक्स 886.30 अंकों यानी 1.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,954.75 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 304.35 (1.33 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 23,216.75 पर ट्रेड कर रहा था।

व्यापक बाजार बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए। निफ्टी मिडकैप में जहां 2.04 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप में 2.29 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई।

वहीं सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा 3.55 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। निफ्टी मेटल में 2.51 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 2.29 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 2.20 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी (1.26 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी फार्मा (1.23 प्रतिशत की तेजी) भी तेजी के साथ ट्रेड करते नजर आए।

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निफ्टी50 में श्रीराम फाइनेंस (4.36 प्रतिशत की तेजी), ट्रेंट (3.64 प्रतिशत की तेजी), अदाणी इंटरप्राइजेज (3.17 प्रतिशत की तेजी), ग्रासिम (3.13 प्रतिशत की तेजी), अदाणी पोर्ट्स (2.92 प्रतिशत की तेजी) और अल्ट्राटेक सीमेंट (2.80 प्रतिशत की तेजी) के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई।

बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 93.95 पर खुला, जबकि मंगलवार को यह 93.87 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

गौरतलब है कि पिछले तीन से चार हफ्तों में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आया और विकास और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों के साथ-साथ कंपनियों से जुड़ी खबरें अहम भूमिका निभाएंगी। हालांकि वैश्विक संकेतों ने बाजार को सपोर्ट दिया है, लेकिन अभी भी बाजार की संरचना पूरी तरह मजबूत नहीं मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में लगातार तेजी के लिए जरूरी है कि निफ्टी अहम रेजिस्टेंस स्तरों को मजबूती से पार करे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो ‘उच्च स्तर पर बिकवाली’ की रणनीति हावी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क और चयनात्मक निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सीजफायर की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड करीब 7 प्रतिशत गिरकर 97.18 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 86.72 डॉलर पर पहुंच गया।

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