Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर घरेलू सूचकांकों ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स लगभग 400 अंकों की बढ़त के साथ 77,391 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 24,100 का अहम स्तर पार करते हुए 24,125 के करीब कारोबार शुरू किया।
IT सेक्टर बना बाजार की तेजी
अमेरिकी टेक और सेमीकंडक्टर कंपनियों के मजबूत वित्तीय नतीजों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। विशेष रूप से आईटी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे TCS, Infosys और Wipro जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वैश्विक तकनीकी मांग में सुधार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में बढ़ते निवेश ने आईटी शेयरों को मजबूती प्रदान की।
एशियाई बाजारों में शानदार प्रदर्शन
एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 3 प्रतिशत से अधिक उछल गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी हरे निशान में रहे।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक चिप उद्योग में सुधार और AI आधारित तकनीकों की बढ़ती मांग ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है, जिसका असर एशियाई बाजारों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
अमेरिकी फ्यूचर्स मार्केट में भी तेजी का रुख बना हुआ है। S&P 500 और Nasdaq 100 फ्यूचर्स में मजबूती देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बाजार की नजर अब अमेरिका में जारी होने वाले महंगाई के आंकड़ों पर टिकी है, जो भविष्य में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों में कमजोरी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत में सकारात्मक प्रगति तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य होने के संकेतों ने तेल बाजार पर दबाव बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है, क्योंकि इससे आयात लागत और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।
डॉलर इंडेक्स में हल्की मजबूती
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि भारतीय रुपया पिछले कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा बाजार में निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतकों और अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।
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निवेशकों का फोकस आगे क्या रहेगा?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल मजबूत वैश्विक संकेतों और आईटी सेक्टर की खरीदारी ने घरेलू बाजार में सकारात्मक माहौल बनाए रखा है।