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Adani समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयर घाटे में, Adani Enterprises 10 प्रतिशत गिरा

नई दिल्ली: अडाणी समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में घाटे में नजर आए। वहीं वित्तीय सूचकांक प्रदाता एमएससीआई ने अपनी समीक्षा के बाद अपने सूचकांक में चार कंपनियों के भार में कटौती की, जिसके बाद समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 10 प्रतिशत गिए गए। बाजार में मिले-जुले रुख के बीच, अडाणी समूह की लगभग सात कंपनियां लाल निशान में कारोबार कर रही थीं, जबकि अन्य तीन कंपनी हरे निशान पर कारोबार कर रही थी। अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,734.60 रुपये प्रति शेयर पर थे, जो बीएसई पर उसका निचला स्तर है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण शुरुआती कारोबार में घटकर 2.14 लाख करोड़ रुपये रह गया।

शुरुआती कारोबार में, अडाणी पावर का शेयर पांच प्रतिशत गिरकर इसके निचले स्तर 164.30 रुपये प्रति शेयर रह गया। इसी तरह अडाणी ट्रांसमिशन, अडाणी ग्रीन एनर्जी और अडाणी टोटल गैस भी शुरुआती कारोबार में पांच-पांच प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रही थीं। एनडीटीवी के शेयर 2.56 प्रतिशत गिरकर 211 रुपये पर और एसीसी के शेयर 0.84 प्रतिशत गिरकर 1,900.35 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि अडाणी समूह की तीन कंपनियां- कंपनियां-अडाणी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अंबुजा सीमेंट्स और अडाणी विल्मर हरे निशान में कारोबार कर रही थीं।

अडाणी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन का शेयर 1.98 प्रतिशत बढक़र 593.60 रहा, अंबुजा सीमेंट्स 1.09 प्रतिशत उछलकर 361.90 रुपये और अडाणी विल्मर का शेयर 1.10 प्रतिशत बढक़र 445.15 रुपये पर पहुंच गया। तीस शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 139.83 अंक या 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,666.39 अंक पर कारोबार कर रहा था। अमेरिका की शार्ट सेंलिग कंपनी हिडनबर्ग रिसर्च के 24 जनवरी को अडाणी समूह के बारे में नकारात्मक रिपोर्ट जारी करने के बाद से समूह के शेयर में लगभग 9.4 लाख करोड़ रुपये या उनके कुल बाजार पूंजीकरण का लगभग 49 प्रतिशत घटा है।

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