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Gold-Silver Prices: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, एक हफ्ते में इतने हुए रेट, जानें वजह

Gold-Silver Price

Gold-Silver Prices: इस हफ्ते मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इज़राइल व अमेरिका के बीच की खिंचतान के चलते सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोने की कीमत 1,73,090 रुपये से घटकर 1,45,970 रुपये हो गई, यानी 10 ग्राम पर 13,700 रुपये की कमी। वहीं, चांदी की कीमत भी प्रति किलो 3,15,000 रुपये से गिरकर 2,45,000 रुपये हो गई, यानी 32,700 रुपये की भारी गिरावट। इस गिरावट का प्रतिशत देखें तो सोने में लगभग 8.47% और चांदी में करीब 12.40% की कमी आई है।

Gold and silver price
Gold and silver price

गिरावट के पीछे कारण

1. अमेरिकी ब्याज दरें: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, निवेशक सोने के बजाय डॉलर में निवेश करने लगते हैं। इसका असर सीधे सोने और चांदी की कीमत पर पड़ता है।

2. डॉलर की मजबूती: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का लेन-देन डॉलर में होता है। डॉलर महंगा होने से अन्य देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग घटती है और कीमतें गिरती हैं।

3. चीन की खरीदारी में कमी: पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने हाल ही में सोने की खरीद कम कर दी है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोने का खरीदार है, इसलिए इसका असर बाजार पर पड़ा और बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।

4. भू-राजनीतिक और तेल संबंधी दबाव: होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुँच गई हैं। इसके चलते ऊर्जा महंगाई बढ़ने की आशंका और निवेशकों की सतर्कता बढ़ी है।

विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी का कहना है कि भले ही भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन बाजार महंगाई और ऊंची ब्याज दरों पर अधिक केंद्रित है। अमेरिका और इज़राइल का ईरान के साथ संघर्ष भी कम होने का संकेत नहीं दिखा रहा।

मार्केट एक्सपर्ट अनिल सिंघवी निवेशकों को सलाह देते हैं कि इस समय सोने और चांदी की बड़ी खरीदारी से बचें। वे कहते हैं कि निवेशकों को निचले स्तर पर पहुंचने तक इंतजार करना चाहिए और एकमुश्त खरीदारी करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा। छोटे-छोटे निवेश (SIP) के जरिए जोखिम कम किया जा सकता है।

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निवेशकों के लिए सुझाव

अभी बड़ी खरीदारी से बचें।

बाजार के निचले स्तर पर पहुंचने के संकेतों का इंतजार करें।

धीरे-धीरे और नियमित निवेश करें।

डॉलर इंडेक्स, तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर नजर रखें, क्योंकि ये भविष्य में कीमतों को अस्थिर बना सकते हैं।

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