Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत मामूली मजबूती के साथ हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजार का रुख बदल गया। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके चलते सेंसेक्स 293 अंक तक फिसलकर 77,860 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी करीब 99 अंक टूटकर 24,372.60 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
शुरुआती बढ़त जल्द हुई गायब
बुधवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत सेंसेक्स के लिए सकारात्मक रही। बीएसई का प्रमुख सूचकांक 109 अंकों की बढ़त के साथ 78,263 के स्तर पर खुला। हालांकि, शुरुआती तेजी ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी। बिकवाली बढ़ने के साथ सेंसेक्स 78,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।
इसी तरह निफ्टी ने भी लगभग सपाट शुरुआत की। इंडेक्स करीब 0.75 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,472 के स्तर पर खुला, लेकिन बाद में दबाव में आ गया।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को निवेशकों का रुख सतर्क रहा। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के इंतजार और ईरान-अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक तनाव ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
जापान का निक्केई 225 करीब 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। दक्षिण कोरिया का बाजार सबसे मजबूत रहा और उसके प्रमुख इंडेक्स में करीब 2.43 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। सेमीकंडक्टर कंपनियों, खासकर सैमसंग जैसे बड़े शेयरों में मजबूती ने दक्षिण कोरियाई बाजार को सहारा दिया।
इसके विपरीत हांगकांग का हैंगसेंग करीब 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
अमेरिकी बाजार भी दबाव में
मंगलवार के सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत फिसलकर 7,728.20 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट में 0.60 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 26,445.45 के स्तर पर बंद हुआ।
डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 184.13 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,791.85 पर बंद हुआ। बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में हालांकि हल्की स्थिरता नजर आई। डाउ फ्यूचर्स लगभग सपाट रहे, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
क्रूड ऑयल की तेजी ने बढ़ाई चिंता
भारतीय बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों का दबाव भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगातार छठे दिन बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। ब्रेंट करीब 0.81 प्रतिशत चढ़कर 89.63 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है।
वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड में भी करीब 0.85 प्रतिशत की तेजी रही और इसकी कीमत लगभग 83.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। ब्रेंट का 90 डॉलर के करीब पहुंचना भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे समय तक ऊंची तेल कीमतें महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकती हैं।
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