नई दिल्ली: आम बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सीमा शुल्क को सरल बनाना सरकार का अगला बड़ा सुधार एजैंडा होगा। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने आयकर और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में दरों को तर्कसंगत बनाने तथा सरलीकरण जैसे सुधार किए। इससे आम आदमी के हाथ में अधिक नकदी आई और उपभोग बढ़ा। सीतारमण ने एक लीडरशिप समिट में कहा, हमें सीमा शुल्क का पूरी तरह कायापलट करना है। हमें इसे इतना सरल बनाना है कि लोगों को पालन करना बोझिल न लगे पारदर्शिता बढ़ानी होगी।
उन्होंने कहा कि आयकर में जैसी पारदíशता लाई गई है, वैसा ही सीमा शुल्क में भी करने की जरूरत है। प्रस्तावित सुधार व्यापक होंगे और इसमें सीमा शुल्क दरों को तर्कसंगत बनाना भी शामिल होगा। सीतारमण ने कहा, पिछले 2 साल में हमने सीमा शुल्क दरें लगातार कम की हैं लेकिन जिन कुछ वस्तुओं पर हमारी दरें इष्टतम स्तर से ऊपर मानी जाती हैं, उन्हें भी नीचे लाना होगा। सीमा शुल्क मेरा अगला बड़ा सफाई अभियान है। इस साल के बजट में अन्य उपायों के साथ औद्योगिक वस्तुओं पर 7 अतिरिक्त सीमा शुल्क दरें खत्म करने का प्रस्ताव किया गया था।
इससे पिछले साल (23 जुलाई 2024 के बजट भाषण में) भी 7 दरें हटाई गई थीं। अब कुल 8 दर स्लैब रह गए हैं, जिनमें शून्य दर भी शामिल है। डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह अपने सहज स्तर पर पहुंच जाएगा। वर्ष 2025 में रुपया अमरीकी डॉलर के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत कमजोर हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत या उससे अधिक रहेगी।

