नई दिल्ली: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए स्कोडा ऑटो इंडिया इस साल कई बड़े कदम उठाने जा रही है। कंपनी अपने प्री-ओन्ड (पुरानी कारों) के कारोबार का विस्तार करने, सीएनजी वाहनों के क्षेत्र में कदम रखने और देशभर में अपने डीलर नेटवर्क को और व्यापक बनाने की योजना बना रही है। स्कोडा का लक्ष्य है कि वह 2025 के अंत तक अपनी कारों की बिक्री को पिछले साल की तुलना में दोगुना कर दे।
-कॉम्पैक्ट एसयूवी और नेटवर्क विस्तार पर फोकस
कंपनी के ब्रांड निदेशक आशीष गुप्ता ने जानकारी दी कि स्कोडा की हाल ही में पेश की गई कॉम्पैक्ट एसयूवी ‘काइलैक’ कंपनी की बिक्री को रफ्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, “हमारे नए मॉडल के साथ-साथ नेटवर्क विस्तार और उत्पाद पोर्टफोलियो के पुनर्गठन से हम साल के अंत तक 2.5 से 3 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं।”
गुप्ता ने बताया कि पिछले साल स्कोडा की बाजार हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम थी, लेकिन अब यह बढ़कर 1.8 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। कंपनी अब देशभर में अपने टचपॉइंट्स को 296 से बढ़ाकर 350 करने की दिशा में काम कर रही है।
-पुरानी कारों का व्यापार भी बनेगा ग्रोथ का इंजन
स्कोडा ऑटो इंडिया पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त के व्यापार को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती है। गुप्ता के मुताबिक, “प्री-ओन्ड कारोबारी खंड में संभावनाएं बहुत हैं। यह ग्राहकों को स्कोडा ब्रांड में प्रवेश का एक नया और सुलभ माध्यम प्रदान करता है।”
-सीएनजी सेगमेंट में एंट्री की तैयारी
मौजूदा ईंधन विकल्पों की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को देखते हुए स्कोडा अब सीएनजी सेगमेंट में भी उतरने की योजना बना रही है। इससे ग्राहकों को अधिक किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्प मिलेगा।
बाजार में बढ़ता दबदबा
गुप्ता ने बताया कि कंपनी अब यात्री वाहन बाजार में 11वें स्थान से छलांग लगाकर 7वें स्थान पर पहुंच चुकी है। उनका कहना है कि स्कोडा इस रैंकिंग को बनाए रखने के लिए नवाचार और सेवा गुणवत्ता में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

