Share Market Today: तीन दिनों के लंबे वीकेंड के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही। कारोबार के शुरुआती घंटों में सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ लाल निशान पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने हल्की बढ़त के साथ 24,000 के अहम स्तर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
शुरुआती कारोबार में सीमित दायरे में बाजार
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,100.47 अंक के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ 77,055.21 अंक पर खुला। हालांकि शुरुआती बिकवाली के बाद बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स ने तेजी से रिकवरी करते हुए 77,127 अंक के आसपास कारोबार किया।
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 पिछले बंद स्तर 24,056 के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ 24,061.75 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 24,097 अंक के आसपास बना रहा।

क्यों दबाव में है बाजार?
वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। सप्ताहांत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी कारोबारी जहाजों पर कथित ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरों के बाद अमेरिका ने ईरान के तटीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम बढ़ा दिया है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें फिर 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ने की भी आशंका है, जिसका असर एविएशन सेक्टर के शेयरों पर पड़ सकता है।
एशियाई बाजारों में बिकवाली
सोमवार को अधिकांश एशियाई शेयर बाजार कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 2 से 3 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक निवेशकों की सतर्कता के कारण एशियाई बाजारों में दबाव बना हुआ है।
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अमेरिकी बाजारों के संकेत सकारात्मक
हालांकि अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स में सकारात्मक रुख देखने को मिला। नैस्डेक 100 फ्यूचर्स, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और डॉव जोन्स फ्यूचर्स सभी हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे संकेत मिलते हैं कि निवेशक फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला था। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चिप निर्माण से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली के कारण दबाव बना रहा।
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