Ford recalls 350 engineers: अमेरिकी ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड (Ford) ने कुछ साल पहले उत्पादन प्रक्रिया को तेज और सस्ता बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव लगाया था। कंपनी को उम्मीद थी कि AI की मदद से क्वालिटी कंट्रोल बेहतर होगा, लागत कम होगी और कई काम इंसानों से ज्यादा तेजी और सटीकता से पूरे किए जा सकेंगे। इसी सोच के तहत कंपनी ने कई कर्मचारियों की छंटनी भी कर दी थी।
लेकिन कंपनी का यह फैसला उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा। AI सिस्टम वाहन निर्माण के दौरान आने वाली कई तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी खामियों को समय पर पहचानने और ठीक करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद फोर्ड को अपना फैसला बदलना पड़ा और 350 से ज्यादा अनुभवी इंजीनियरों को दोबारा नौकरी पर रखना पड़ा। इनमें कई ऐसे विशेषज्ञ भी शामिल हैं, जो पहले फोर्ड में काम कर चुके थे या कंपनी के सप्लायर के साथ जुड़े हुए थे।
कंपनी ने मानी अपनी गलती
फोर्ड के व्हीकल हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट चार्ल्स पून ने स्वीकार किया कि कंपनी ने अपने अनुभवी इंजीनियरों के अनुभव को उतनी अहमियत नहीं दी, जितनी देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि AI एक बेहतरीन तकनीक है, लेकिन उसकी क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे किस तरह की जानकारी और अनुभव के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है। कंपनी को लगा था कि केवल डिजाइन से जुड़ा डेटा AI में डाल देने से बेहतर गुणवत्ता वाले वाहन तैयार हो जाएंगे, लेकिन बाद में महसूस हुआ कि अनुभवी इंजीनियरों का ज्ञान और व्यावहारिक समझ AI की सफलता के लिए बेहद जरूरी है।
COO ने भी बताई वजह
फोर्ड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर कुमार गल्होत्रा ने कहा कि कंपनी धीरे-धीरे ऑटोमेटेड क्वालिटी सिस्टम पर ज्यादा निर्भर हो गई थी, लेकिन उससे उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। इसके बाद अनुभवी इंजीनियरों को वापस लाया गया, जो अब उत्पादन शुरू होने से पहले ही संभावित तकनीकी खामियों की पहचान कर रहे हैं और AI सिस्टम को बेहतर बनाने में भी मदद कर रहे हैं।
CEO ने बताया क्या हुआ फायदा
फोर्ड के CEO जिम फार्ले के अनुसार, अनुभवी इंजीनियरों की वापसी के बाद कंपनी के वाहनों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। वारंटी क्लेम और वाहन रिकॉल पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है, जिससे कंपनी को करोड़ों डॉलर की बचत हुई है। हाल ही में कंपनी ने गुणवत्ता के मामले में भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
पहले AI पर था पूरा भरोसा
पिछले साल फोर्ड ने अपनी फैक्ट्रियों में करीब 900 AI-संचालित कैमरे लगाए थे। इनका उद्देश्य उत्पादन के दौरान होने वाली खामियों की पहचान करना और सप्लाई चेन की समस्याओं को कम करना था। उस समय कंपनी का दावा था कि AI पूरी उत्पादन प्रक्रिया को अधिक स्मार्ट और कुशल बना देगा। हालांकि अब कंपनी का मानना है कि केवल AI के भरोसे बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार नहीं किए जा सकते। फोर्ड का कहना है कि सबसे अच्छे नतीजे तब मिलते हैं, जब AI की गति और इंसानी अनुभव दोनों मिलकर काम करें।

