मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को नया कीर्तिमान स्थापित किया, जब बीएसई सेंसेक्स पहली बार 80,000 अंक के पार पहुंच गया। वैश्विक बाजारों की मजबूती और विदेशी निवेशकों की निरंतर खरीदारी ने बाजार में उत्साह का माहौल बनाया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 658.96 अंकों की छलांग लगाकर 80,254.55 अंक पर पहुंचा, वहीं एनएसई निफ्टी ने भी 192.05 अंकों की बढ़त के साथ 24,359.30 का स्तर छू लिया।
सूचकांकों में यह तेजी विशेष रूप से आईटी सेक्टर में आई मजबूती के चलते देखी गई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में छह प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जो कंपनी के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों का नतीजा रहा। कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 8.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,307 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इसके पीछे 25,500 करोड़ रुपये के बड़े अनुबंधों की भूमिका रही।
-बैंक निवेश में आया उछाल
टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी अन्य आईटी कंपनियों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। हालांकि, कुछ दिग्गज कंपनियों ने इस तेजी का साथ नहीं दिया। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक जैसी वित्तीय संस्थाएं शुरुआती गिरावट में रहीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बाजारों का मूड सकारात्मक दिखा। अमेरिका के नैस्डैक, डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 में मंगलवार को जोरदार उछाल दर्ज किया गया, जिसका असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। जापान का निक्की 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे।
-FII ने भारतीय बाजारों में जताया भरोसा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी भारतीय बाजारों में भरोसा जताया है। मंगलवार को उन्होंने कुल 1,290.43 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की खरीदारी की। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी के बावजूद बाजार की धारणा मजबूत बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 67.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेश का प्रवाह और वैश्विक संकेतक अनुकूल बने रहते हैं, तो निकट भविष्य में भारतीय बाजार और ऊंचाई छू सकते हैं। निवेशकों के लिए यह एक उत्साहजनक संकेत है, लेकिन सतर्कता और संतुलित पोर्टफोलियो रणनीति अब भी जरूरी बनी हुई है।
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