मुंबई: घरेलू शेयर बाजार एक बार फिर मंगलवार को दबाव में दिखा। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की चिंताएँ बढ़ गईं और बीएसई सेंसेक्स 600 से अधिक अंक गिरकर 84,500 के पास फिसल गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 200 अंकों की कमजोरी के साथ 25,800 के नीचे कारोबार करता नजर आया।
किन शेयरों में आई गिरावट और कौन चमके?
निफ्टी में शुरुआती सत्र के दौरान सिप्ला और अपोलो हॉस्पिटल्स गेनर के रूप में उभरे, जबकि एशियन पेंट्स, ट्रेंट, हिंडाल्को, श्रीराम फाइनेंस और टेक महिंद्रा पर भारी दबाव दिखा और ये शीर्ष लूजर्स में शामिल रहे।

मार्केट क्यों टूटा? निवेशकों के डर की तीन बड़ी वजहें
1. फेडरल रिजर्व की अहम बैठक से पहले सतर्कता
दुनियाभर के निवेशक इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक (9 दिसंबर से) को लेकर सतर्क हैं। इस बीच ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील और स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक भी अपनी नीतियाँ समीक्षा करने वाले हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश से किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन फिर भी बाज़ार में सतर्कता हावी है।
2. स्मॉलकैप–मिडकैप में मुनाफावसूली
मनीकंट्रोल के मुताबिक, आज के शुरुआती ट्रेड में स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स में तेज मुनाफावसूली देखी गई। इनसे हाल के दिनों में बड़ी तेजी देखने को मिली थी, इसलिए निवेशकों ने भारी मात्रा में बुकिंग की, जिसका सीधा असर पूरे बाजार की धारणा पर पड़ा।
3. विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
एफआईआई की सेलिंग रुकने का नाम नहीं ले रही। पिछले शुक्रवार को भी एफआईआई ने लगातार सातवें दिन ₹438 करोड़ से अधिक की बिकवाली की। इस आउटफ्लो से बाजार पर गंभीर दबाव बना हुआ है।
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डॉलर के मुकाबले 90.15 पर खुला
मुद्रा बाज़ार में भी कमजोरी देखने को मिली। मंगलवार को रुपया 10 पैसे गिरकर 90.15 प्रति डॉलर पर खुला। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, कॉरपोरेट्स और विदेशी निवेशकों की ओर से बढ़ी डॉलर डिमांड के कारण रुपए पर दबाव बना हुआ है। निवेशक फेडरल रिज़र्व के फैसलों से पहले किसी बड़े कदम से बच रहे हैं, जिसके चलते रुपये में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। सोमवार को यह 90.05 पर बंद हुआ था।