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वैश्विक तनाव के बीच शेयर बाजार में लगातार गिरावट, निफ्टी-सेंसेक्स कमजोर

stock market fall India global tensions Nifty Sensex weak

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पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है और इसी वजह से घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क लगातार चौथे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए।

सप्ताह के दौरान निफ्टी में 0.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि आखिरी कारोबारी दिन यह 0.49 प्रतिशत बढ़कर 23,114.50 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स सप्ताह के अंत में 325.72 अंकों यानी 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें 0.04 प्रतिशत की हल्की गिरावट रही।

सप्ताह की शुरुआत दोनों सूचकांकों ने सपाट रुख के साथ की, लेकिन बाद में मेटल शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में कुछ तेजी देखने को मिली।

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वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने से महंगाई और भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंता बनी हुई है, जिसका असर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसयू बैंक) सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं, मेटल शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

हालांकि, व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में मिश्रित रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.06 प्रतिशत की हल्की बढ़त रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इसी बीच भारतीय रुपया भी कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.49 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह डॉलर की मजबूत मांग, विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और वैश्विक मुद्रा बाजार का दबाव रहा।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि निकट अवधि में बाजार का रुख सतर्क बना रहेगा। ऊंचे कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया में जारी तनाव बाजार की भावना पर दबाव बनाए हुए हैं। पिछले 13 सत्रों में विदेशी निवेशकों ने कुल 81,263 करोड़ रुपए की निकासी की है, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ा है।

विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,850 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस है, इसके बाद 24,000 और 24,150 अगले महत्वपूर्ण स्तर होंगे। वहीं, नीचे की ओर 22,950 और 22,700 मजबूत सपोर्ट के रूप में देखे जा रहे हैं।

बाजार अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 13 प्रतिशत तक नीचे आ चुका है, जो व्यापक बाजार में एक बड़े करेक्शन की ओर इशारा करता है।

बैंक निफ्टी के लिए 53,000 से 52,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ऊपर की ओर 54,000 से 55,000 के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

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