Stock Market Update : सोमवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। निवेशकों में सतर्कता के माहौल के बीच बीएसई सेंसेक्स शुरुआती मिनटों में ही जोरदार दबाव में आ गया। सुबह करीब 9:16 बजे सेंसेक्स 475 अंकों से ज्यादा टूटकर 83,094 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी गिरावट से अछूता नहीं रहा। शुरुआती सत्र में निफ्टी करीब 139 अंकों की कमजोरी के साथ 25,555 के स्तर पर फिसल गया, जिससे बाजार में नकारात्मक संकेत दिखाई दिए।

इन शेयरों में दिखी हलचल
शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी इंडेक्स पर कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती देखने को मिली। इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और कोटक महिंद्रा बैंक बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।
वहीं दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक, टीएमपीवी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सिप्ला और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा, जिससे ये नुकसान में कारोबार करते नजर आए।
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निवेशकों की नजर इन स्टॉक्स पर
19 जनवरी को कई प्रमुख शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टेक महिंद्रा, आईडीबीआई बैंक, यस बैंक, आरबीएल बैंक, यूको बैंक, इंडोसोलर, जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स, बजाज हेल्थकेयर और भारत कोकिंग कोल शामिल हैं।
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बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों और कंपनियों से जुड़ी खबरों के आधार पर इन शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
रुपया 12 पैसे बढ़कर 90.66 पर
विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 12 पैसे की बढ़त के साथ 90.66 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। डॉलर में वैश्विक स्तर पर आई कमजोरी से रुपये को शुरुआती समर्थन मिला।
कारोबार की शुरुआत में रुपया 90.68 पर खुला और कुछ ही देर में इसमें और मजबूती आई, जिससे यह 90.66 तक पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर इंडेक्स में गिरावट का सीधा असर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर पड़ा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल के दाम चिंता का कारण
हालांकि रुपये की इस मजबूती के बावजूद निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। फॉरेक्स विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रुपये की तेजी पर दबाव बना सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत जैसे आयातक देश की मुद्रा पर सीधा प्रभाव डालता है, जिससे आगे रुपये की चाल सीमित रह सकती है।
पिछले सत्र में रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बंद हुआ था रुपया
गौरतलब है कि शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 44 पैसे टूटकर लगभग 90.78 के स्तर पर बंद हुआ था, जो इसके अब तक के सबसे निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले के दो कारोबारी सत्रों में भी रुपये में कुल 17 पैसे की गिरावट दर्ज की गई थी।
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