नई दिल्ली: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली का दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ही बाजार ने कमजोरी के संकेत दे दिए, और दिन बढ़ने के साथ गिरावट और गहरी होती गई।
30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स कमजोर शुरुआत के साथ खुला और कुछ ही समय में भारी गिरावट में चला गया। सुबह करीब 9:30 बजे तक सेंसेक्स 1,200 अंकों से ज्यादा टूटकर 73,200 के आसपास ट्रेड करता नजर आया। इसी तरह एनएसई निफ्टी 50 भी दबाव में रहा और 400 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 22,700 के करीब पहुंच गया।

किन शेयरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?
शुरुआती कारोबार में बाजार में व्यापक कमजोरी दिखी। आईटी सेक्टर से एचसीएल टेक को छोड़कर लगभग सभी बड़े शेयर लाल निशान में रहे। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और टाइटन शामिल रहे, जिनमें निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
सेक्टरों में भी दिखा दबाव
बाजार की गिरावट का असर अलग-अलग सेक्टरों पर भी साफ दिखा। बैंकिंग, मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई, जबकि आईटी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे।
पिछले सत्र में थी तेजी
इसके उलट, पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को बाजार ने मजबूती के साथ बंद किया था। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए थे, जहां कई बड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली थी। उस दिन टेक महिंद्रा, रिलायंस और एनटीपीसी जैसे शेयरों ने बाजार को सहारा दिया था।
क्या है गिरावट की वजह?
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, निवेशकों की सतर्कता और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली इस गिरावट की प्रमुख वजह हो सकती है। इसके अलावा, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में दबाव ने भी बाजार की कमजोरी को बढ़ाया।
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निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की गिरावट में घबराने की बजाय निवेशकों को सावधानी से कदम उठाने चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का मौका भी बन सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।