
मुंबई: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी पूंजी के निरंतर बहिर्वाह के कारण मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांकों में सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती कारोबार में भारी दबाव आया।
बीएसई सेंसेक्स 270.77 अंकों की गिरावट के साथ 80,620.25 अंक पर आ गया, वहीं एनएसई निफ्टी 71.25 अंक टूटकर 24,609.65 अंक पर पहुँच गया। निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में कोई नकारात्मक बदलाव हो सकता है, जिससे घरेलू शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ा है।
नुकसान में रहे प्रमुख शेयर
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अधिकांश ने गिरावट दर्ज की। इस दौरान इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), इन्फोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और ट्रेंट के शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई।

एशियाई बाजारों में भी गिरावट का दौर
एशियाई बाजारों में भी मंदी का असर दिखा। जापान का निक्की 225, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक फायदे में रहा।
अमेरिकी बाजारों में मिलेजुले रुख
अमेरिकी बाजारों में भी सोमवार को मिलेजुले रुख देखने को मिला। कुछ प्रमुख कंपनियों के परिणाम उम्मीद से बेहतर रहे, लेकिन व्यापार संबंधों को लेकर जारी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क किया।
एफआईआई की बिकवाली से बाजार पर दबाव
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाली करने के पक्ष में रहे। उन्होंने शुद्ध रूप से 6,082.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में मामूली वृद्धि
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत में हल्की वृद्धि देखी गई, जो 70.07 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रही। इस बढ़त से ऊर्जा क्षेत्र में थोड़ी राहत मिली, लेकिन बाजार की कुल धारणा नकारात्मक बनी रही।
मेष: दिन शुभ रहेगा...