नई दिल्ली: सप्ताह की शुरुआत घरेलू शेयर बाजार के लिए थोड़ी धीमी रही। सोमवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 42 अंक लुढ़क कर 81,862 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई निफ्टी भी करीब 24 अंक की कमजोरी के साथ 25,089 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में ज्यादा हलचल नहीं देखी गई और ये लगभग सपाट बंद हुए।
आईटी और फार्मा पर दबाव, बाकी सेक्टर्स में रौनक
सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो फार्मा और आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हावी रही, जिससे इन सेक्टर्स में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, बैंकिंग, ऑटो और इंफ्रा जैसे सेक्टर्स में थोड़ी मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला।

किस कंपनी का शेयर चढ़ा, किसका गिरा?
खास स्टॉक्स की बात करें तो शुरुआती घंटे में अपोलो हॉस्पिटल्स, हीरो मोटोकॉर्प, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गजों ने बढ़त दर्ज की। वहीं दूसरी तरफ, डॉ. रेड्डीज लैब्स, श्रीराम फाइनेंस, टीसीएस, एशियन पेंट्स और बजाज फिनसर्व के शेयरों में कमजोरी नजर आई।
सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, टाटा मोटर्स, अदानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड और भारतीय स्टेट बैंक ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। इसके विपरीत, इन्फोसिस, सन फार्मा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टेक महिंद्रा जैसे आईटी स्टॉक्स दबाव में दिखे।
रुपया भी दिखा दबाव में
सोमवार को विदेशी मुद्रा बाजार में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे टूटकर 88.30 पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत के निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ का दबाव और एफपीआई द्वारा पूंजी निकासी ने रुपये की स्थिति को प्रभावित किया है। साथ ही, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी एक बड़ा फैक्टर बना हुआ है।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में कारोबार करते नजर आए। वहीं, अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मिली-जुली स्थिति में बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत में 0.60% की तेजी के साथ यह 67.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।