बिजनेस डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के शेयर बाजारों पर साफ देखने को मिला है। पिछले कुछ महीनों में उनके बयान बाजार की दिशा तय करने लगे थे। कई बार उनके फैसलों और टिप्पणियों से बाजार में तेज उतार-चढ़ाव आया। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया, जब बाजार ने उनके बयानों पर प्रतिक्रिया देना कम कर दिया और निवेशकों ने उन्हें नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।
पिछले चार कारोबारी दिनों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला, जहां बाजार ट्रंप के बयानों से ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ। लेकिन मंगलवार रात एक बड़ा मोड़ आया। ट्रंप ने ईरान से जुड़े मुद्दे पर दो हफ्तों के सीजफायर की बात कही। इस बयान ने वैश्विक बाजारों में अचानक सकारात्मक माहौल बना दिया।
इस खबर के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई और प्रमुख इंडेक्स करीब 1000 अंक तक चढ़ गए। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा, जहां बुधवार को लगभग 5% तक की बढ़त देखने को मिली। भारतीय शेयर बाजार भी इस तेजी से अछूता नहीं रहा। बुधवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह दिखा। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही तेजी के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में करीब 3.5% तक उछल गए।
कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 14 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स लगभग 2600 अंकों की तेजी के साथ 77,160 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 3.3% चढ़कर 23,800 के पार चला गया। इस दौरान सेंसेक्स की 30 में से 29 कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जो बाजार में व्यापक तेजी का संकेत है।
आखिर बाजार में इतनी तेजी क्यों आई?
इस उछाल के पीछे मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद है। ट्रंप के सीजफायर वाले बयान से निवेशकों को राहत मिली कि मध्य पूर्व में हालात बिगड़ने की संभावना फिलहाल कम है, जब भी दुनिया में तनाव कम होता है, तो निवेशक ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार होते हैं, जिससे शेयर बाजार में तेजी आती है। इसके अलावा अमेरिकी बाजारों की मजबूती और एशियाई बाजारों में आई तेजी ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया।

