मुंबई: भारतीय शेयर बाजारों ने बृहस्पतिवार को एक सकारात्मक शुरुआत के साथ निवेशकों को राहत दी। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 373.33 अंकों की मजबूती के साथ 82,231.17 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 94.3 अंक चढ़कर 25,144.85 के नए मुकाम पर देखा गया।
प्रमुख कंपनियों में मिला-जुला प्रदर्शन
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से कुछ ने जहां बाजार को सहारा दिया, वहीं कुछ ने दबाव भी डाला। बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे दिग्गज शेयरों में मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर, इटर्नल, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट ने बाजार की रफ्तार को थोड़ा थामने की कोशिश की।

वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर
एशियाई बाजारों की बात करें तो चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, लेकिन जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ नजर आए। अमेरिकी शेयर बाजारों में भी बुधवार को कमजोरी देखी गई, जिससे वैश्विक निवेश धारणा पर असर पड़ा।
कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 0.43% की तेजी के साथ 67.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, जिससे ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में हलचल देखने को मिली। शेयर बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 1,100.09 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,806.34 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी दर्ज की, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला।
निवेशकों की नजर आगे की चाल पर
तेजी के इस संकेत के बावजूद निवेशक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू स्तर पर डीआईआई की मजबूत भागीदारी और कुछ सेक्टरों में आई तेजी से बाजार को निकट भविष्य में स्थिरता मिल सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।