Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

भारत में बदलाव की रफ्तार से प्रभावित सुंदर पिचाई, बोले- एआई अरबों लोगों की जिंदगी बदल सकती है

February 19, 2026

भारत में बदलाव की रफ्तार से प्रभावित सुंदर पिचाई, बोले- एआई अरबों लोगों की जिंदगी बदल सकती है

अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने गुरुवार को भारत की प्रगति की रफ्तार की सराहना करते हुए कहा कि देश तेजी से बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर दुनिया को साहसिक रुख अपनाना चाहिए, क्योंकि यह अरबों लोगों की जिंदगी में व्यापक परिवर्तन ला सकती है।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को संबोधित करते हुए पिचाई ने कहा कि एआई केवल तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा, “हम हाईपर-प्रगति के दौर की दहलीज पर खड़े हैं और एआई को साहसपूर्वक अपनाना जरूरी है।”

पिचाई ने बताया कि गूगल ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट’ पहल के तहत अमेरिका और भारत के बीच चार नई प्रणालियों सहित सब-सी फाइबर ऑप्टिक केबलों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर रहा है। यह डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

उन्होंने कृषि क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में एआई आधारित पूर्वानुमान तकनीक लाखों किसानों तक पहुंच रही है। पिछले वर्ष सरकार द्वारा भेजे गए एआई-आधारित मौसम पूर्वानुमानों ने किसानों को खराब मौसम से पहले सचेत किया, जिससे उनकी आजीविका की सुरक्षा में मदद मिली।

स्वास्थ्य और शोध के क्षेत्र में एआई की भूमिका पर बात करते हुए पिचाई ने कहा कि दशकों से प्रोटीन संरचनाओं की भविष्यवाणी एक चुनौती थी, जिसने दवा खोज की प्रक्रिया को धीमा किया। अब 190 देशों के 30 लाख से अधिक शोधकर्ता इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे मलेरिया जैसी बीमारियों के टीके विकसित करने में मदद मिल रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि गूगल भारत में 15 अरब डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के तहत एक पूर्ण-स्तरीय एआई हब स्थापित कर रहा है। कंपनी स्वास्थ्य सेवा, स्टार्टअप्स, कृषि और अन्य क्षेत्रों में एआई के व्यापक उपयोग को बढ़ावा दे रही है।

पिचाई ने कहा कि भारत को एआई अनुसंधान और इसके विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त निवेश सुनिश्चित करना चाहिए। उनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर सहयोग के बिना एआई की पूरी क्षमता का लाभ नहीं उठाया जा सकता।

16 से 20 फरवरी तक चल रहे इस समिट में 110 से अधिक देशों और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी है। करीब 20 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख और 45 मंत्री इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य एआई के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करना और नवाचार को नई दिशा देना है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें