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Suraj Rajappan को Kotak Mahindra Prime का नया CEO नियुक्त किया गया, Shahrukh Todiwala की जगह लेंगे

Suraj Rajappan Kotak Mahindra Prime CEO appointment Shahrukh Todiwala replacement

Suraj Rajappan Kotak Mahindra Prime CEO appointment Shahrukh Todiwala replacement

वाहन फाइनेंस कंपनी कोटक महिंद्रा प्राइम लिमिटेड (केएमपीएल) ने सोमवार को घोषणा की कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सूरज राजप्पन को मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 1 जून 2026 से तीन साल के लिए होगा, हालांकि इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

कंपनी ने बताया कि मौजूदा एमडी और सीईओ शाहरुख टोडीवाला 31 मई 2026 को रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने कोटक ग्रुप के साथ तीन दशक से ज्यादा समय तक काम किया है।

कंपनी के अनुसार, सूरज राजप्पन ने अपने करियर की शुरुआत केएमपीएल से ही की थी और उनके पास कंपनी में 24 साल का अनुभव है। केएमपीएल, कोटक महिंद्रा बैंक की एक सहायक कंपनी है।

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कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी और सीईओ अशोक वासवानी ने कहा कि सूरज राजप्पन का अनुभव और काम करने की क्षमता कंपनी को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शाहरुख टोडीवाला ने कंपनी को मजबूत और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है।

वहीं, सूरज राजप्पन ने कहा कि केएमपीएल आगे भी संतुलित विकास, नवाचार और बेहतर ग्राहक अनुभव पर ध्यान देगा। साथ ही कंपनी अपने ओईएम और डीलर पार्टनर्स के साथ रिश्तों को और मजबूत करेगी।

कंपनी ने कहा कि लगभग तीन दशकों में केएमपीएल ने भारत के ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर क्रेडिट मार्केट के साथ-साथ खुद को भी विकसित किया है। कंपनी ने जोखिम प्रबंधन, बेहतर गवर्नेंस और मजबूत सिस्टम पर खास ध्यान दिया है।

केएमपीएल की स्थापना 1996 में कोटक महिंद्रा फाइनेंस और फोर्ड क्रेडिट इंटरनेशनल के बीच 60:40 के जॉइंट वेंचर के रूप में हुई थी।

बाद में 2005 में कोटक महिंद्रा बैंक ने फोर्ड क्रेडिट की हिस्सेदारी खरीद ली और कंपनी को पूरी तरह अपनी सहायक कंपनी बना लिया। इसके बाद इसका नाम बदलकर कोटक महिंद्रा प्राइम लिमिटेड कर दिया गया।

इसके अलावा, 2025 में डीपीआईआईटी ने कोटक महिंद्रा बैंक के साथ एक समझौता (एमओयू) किया था, जिसका उद्देश्य देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

इस साझेदारी के तहत स्टार्टअप्स को बैंकिंग सेवाएं, लोन, फंडिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं देने का लक्ष्य रखा गया है।

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