Last Updated: September 27, 2026

Dainik Savera Times Logo

बजट 2026 में रक्षा, पूंजीगत खर्च और बुनियादी ढांचे पर रहेगा फोकस

January 31, 2026

बजट 2026 में रक्षा, पूंजीगत खर्च और बुनियादी ढांचे पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने जा रही हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस बार बजट में रक्षा, बुनियादी ढांचा, पूंजीगत खर्च (कैपेक्स), बिजली क्षेत्र और किफायती आवास (अफोर्डेबल हाऊसिंग) के विकास पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक कल्याण और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखने की भी कोशिश होगी।

नीति निर्धारकों के सामने विकास को आगे बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की दोहरी चुनौती होगी, खासकर तब जब दुनिया भर में हालात अनिश्चित बने हुए हैं। इस बजट में आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने और राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के बीच संतुलन साधने की कोशिश होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में उन तात्कालिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखा जाएगा, जो बदलते वैश्विक और भू-राजनीतिक हालात से पैदा हो रही हैं।

सरकार लगातार राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग पर दृढ़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप कोविड के दौरान राजकोषीय घाटा 9.2 प्रतिशत के उच्च स्तर तक पहुंच गया था, जिसे घटाकर अनुमानित रूप से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.4 प्रतिशत तक लाया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार अपने वित्तीय अनुशासन को बनाए रखेगी और इस दिशा में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन जाएंगी, जो लगातार 9वीं बार बजट पेश करेंगी। विशेषज्ञों ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 का बजट मध्यम वर्ग की खपत बढ़ाने के लिए टैक्स राहत पर ज्यादा केंद्रित था, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में खपत बढ़ाने का तरीका ज्यादा चुनिंदा और सीमित हो
सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनांशियल सर्विसेज लिमिटेड की इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट के अनुसार, इस बजट में पूंजीगत खर्च पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, खासकर उन क्षेत्रों में जो मौजूदा वैश्विक हालात के कारण रणनीतिक रूप से अहम माने जाते हैं। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में अर्थव्यवस्था का विस्तृत आकलन पेश किया गया है। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.8 से 7.2 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगाया गया है, जो मौजूदा वर्ष की 7.4 प्रतिशत की दर से थोड़ा कम है, लेकिन बाजार के अनुमानों से बेहतर है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें