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इलेक्ट्रॉनिक्स, नवाचार में बदलाव का दौर, समान सोच वाले देशों को साथ आना चाहिए: Chandrasekhar

नई दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवाचार की दुनिया कोरोना काल के बाद बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रही है और प्रौद्योगिकी के उज्ज्वल भविष्य के लिए समान सोच वाले देशों को सहयोगात्मक ढांचा तैयार करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। चंद्रशेखर ने कहा कि नागरिकों को ऑनलाइन उपयोग के नुकसानों से बचाने के लिए भारत ने भारतीय इंटरनेट पर काम करने के लिए खुलेपन, सुरक्षा और भरोसे के साथ-साथ मंचों और कंपनियों के लिए जवाबदेही की सीमा शर्तों को परिभाषित किया है। चंद्रशेखर ने यहां आयोजित ‘रायसीना डायलॉग 2023’ सम्मेलन में ‘लोकतंत्र के ग्यारह: हमारे प्रौद्योगिकी भविष्य की रक्षा’ विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में उम्मीद जताई कि वैश्विक सहयोग मिलने पर ये सिद्धांत अन्य देशों के बीच व्यापक भूमिका निभाएंगे।

भारत में इंटरनेट प्रतिबंध से जुड़े एक सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि भारत में ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या और सामग्री पारिस्थितिकी तंत्र की विविधता या विशालता के प्रतिशत के तौर पर इंटरनेट प्रतिबंध यहां पर दुनिया में सबसे कम है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने या किसी सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने की प्रक्रिया कानून के हिसाब से अंजाम दी गई है और विशेष परिस्थितियों में सरकार ने कानून का पालन करते हुए ही इसका आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद डिजिटल आपूर्ति शृंखला, मूल्य शृंखला, नवाचार पारिस्थितिकी और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकि परिवेश गहरे संरचनात्मक बदलावों के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवाचार में विश्व व्यवस्था नए सिरे से बन रही है लेकिन कोई भी देश यह काम अकेले नहीं कर सकता है।

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