Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘टच मी नॉट’: यूरोपियन सोसाइटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी के 23वें वार्षिक सम्मेलन में जारी की गई जेआईबीएस की

September 11, 2023

‘टच मी नॉट’: यूरोपियन सोसाइटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी के 23वें वार्षिक सम्मेलन में जारी की गई जेआईबीएस की

डॉक्यूमेंट्री फ्लोरेंस: जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल साइंसेज की डॉक्यूमेंट्री फिल्म टच मी नॉट, जो भारत में सार्वजनिक स्थानों पर ‘बैड टच’ (बुरी नीयत से छूने) के व्यापक मुद्दे पर प्रकाश डालती है, ने यूरोपीयन सोसायटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी के 23वें वार्षकि सम्मेलन में अपनी बहुप्रतीक्षित शुरुआत की। यह फिल्म फ्लोरेंस में तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर क्रिमिनोलॉजी के महासचिव प्रोफेसर स्टीफन पारमेंटियर द्वारा जारी की गई थी।

आधे घंटे की यह फिल्म पूरे भारत में सार्वजनिक स्थानों पर यौन मंशा से अनुचित स्पर्श की व्यापक समस्या की पड़ताल करती है। यह डॉक्ज़्यूफिक्ज़्शन विस्तृत शोध, पीड़ितों की आपबीती और विशेषज्ञों की राय के माध्यम से इन घटनाओं में बचे लोगों के मनोवैज्ञानिक आघात, सामाजिक कलंक और कानूनी चुनौतियों पर प्रकाश डालता है।

जेआईबीएस में उच्च प्रशिक्षित मीडिया शिक्षाविदों और चिकित्सकों द्वारा इसकी परिकल्ज़्पना, फिल्मांकन और निर्माण हुआ है। इस फिल्म का उद्देश्य इस मुद्दे से निपटने और सभी के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थान बनाने के लिए सामाजिक जागरूकता, सख्त कानून प्रवर्तन और व्यापक शैक्षिक पहल की तत्काल आवश्यकता को उजागर करना है।

फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान, दर्शक, जिनमें दुनिया भर के उल्लेखनीय शिक्षाविद और विद्वान शामिल थे, शक्तिशाली कथा से मंत्रमुग्ध हो गए और उन साहसी पीड़ितों से प्रभावित दिखे जिन्होंने अपनी कहानियाँ साझा कीं। सामाजिक जागरूकता, सख्त कानून प्रवर्तन और व्यापक शैक्षिक पहल के लिए कार्रवाई के आ’’ान के साथ मुद्दे की स्पष्ट खोज ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर क्रिमिनोलॉजी के महासचिव प्रोफेसर स्टीफÞन पारमेंटियर ने फिल्म के प्रभाव की प्रशंसा की। उन्ज़्होंने कहा, ‘टच मी नॉट गंभीर सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालने में शिक्षा जगत की शक्ति का एक उल्लेखनीय प्रमाण है। हमारे सम्मेलन में इस शक्तिशाली डॉक्यूफिक्शन का प्रीमियर करना हमारा सौभाग्य है, और हमें उम्मीद है कि यह सार्थक बदलाव के लिए उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।’

फिल्म का स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया गया, जिसने सार्वजनिक सुरक्षा और सामाजिक न्याय के आसपास चल रहे प्रवचन में इसके महत्व और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। जेआईबीएस के संस्थापक और प्रधान निदेशक डॉ. संजीव पी. साहनी ने कहा, ‘जो बात टच मी नॉट को अलग करती है वह यह है कि इसकी कल्पना, शूटिंग और निर्माण पूरी तरह से जेआईबीएस में की गई थी, जिसमें फिल्म के माध्यम से गंभीर सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता प्रदर्शति की गई थी।‘

साहनी ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित स्पर्श से निपटने और सभी व्यक्तियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए सामाजिक जागरूकता और पहल की तत्काल आवश्यकता के बारे में चर्चा शुरू करना है।‘ यह उल्लेख करना उचित है कि जेआईबीएस सामाजिक और मनोवैज्ञानिक महत्व के मुद्दों पर कई वृत्तचित्रों का निर्माण कर रहा है।

हाल ही में कुरसाल फिल्म महोत्सव सैन सेबेस्टियन, स्पेन में एक और जेआईबीएस फिल्म केज्ड (इन) एंड आउट, जो भारत में घरेलू दुर्व्यवहार के विषय पर प्रकाश डालती है, को एरोनका मुंडुआन (ईएम) (रेटो पोर एल मुंडो – दुनिया के लिए चुनौती) में पुरस्कारों के लिए चुना गया था – जो एक सामाजिक गतिशीलता पहल है। स्थित है।

ये भी पढ़ें : SRH Vs PBKS, IPL 2026: पंजाब ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, शशांक की वापसी (देखें प्लेइंग 11)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें