केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी है, और इससे पूरे देश के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
संवाददाता सम्मेलन में चौहान ने कहा कि यह बजट विकसित भारत की परिकल्पना को प्रतिबिंबित करता है और 2047 तक आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। उन्होंने बल दिया कि बजट समावेशी विकास और सामाजिक समृद्धि पर केंद्रित है, जिससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे।
पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के लिए बजट में 6,812 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 897 करोड़ रुपए अधिक हैं। यह राशि सरकार की प्राथमिकता और क्षेत्र में विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
चौहान ने बताया कि असम को वित्त वर्ष 2026-27 में कर हस्तांतरण के माध्यम से 49,725 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। 2014 से अब तक असम को कर हस्तांतरण के जरिए लगभग 3.12 लाख करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं।
बजट में स्वास्थ्य सेवा पहल ‘बायोफार्मा शक्ति’ भी शामिल है, जिसके लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ से निपटने के लिए बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स में घरेलू क्षमता मजबूत करना है। इस पहल के तहत गुवाहाटी के राष्ट्रीय औषध विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPR) जैसे संस्थानों को उन्नत किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और कुशल मानव संसाधन का विकास होगा।
कृषि बजट भी बढ़ाकर 1,32,561 करोड़ रुपए किया गया है, जो किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इसके अंतर्गत कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 9,967 करोड़ रुपए, और सस्ते उर्वरक एवं उत्पादन लागत कम करने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपए की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

