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वैश्विक बाजार को राहत? अमेरिका-वेनेजुएला डील से उर्वरक कीमतें घट सकती हैं

US Venezuela Fertilizer Deal Impact

US Venezuela Fertilizer Deal Impact

अमेरिका ने शुक्रवार को वेनेजुएला के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों के लिए कुछ नए लाइसेंस मुहैया कराए हैं। इस कदम से वैश्विक स्तर पर उर्वरक और तेल की आपूर्ति को स्थिर करने में मदद मिल सकती है, जिस पर भारत जैसे बड़े आयातक देश करीबी नजर रखे हुए हैं।

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी (अमेरिका का वित्त विभाग) ने बताया कि यह बदलाव उसके ‘प्रतिबंध प्रबंधन निकाय’ यानी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) द्वारा जारी अपडेटेड लाइसेंस के जरिए किया गया है।

इनका उद्देश्य “वेनेजुएला के ऊर्जा उद्योग को पुनर्जीवित करना और वैश्विक कमोडिटी बाजारों में आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है।”

ट्रेजरी विभाग ने कहा कि ये नई अनुमति वेनेजुएला के तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में निवेश और संचालन गतिविधियों का दायरा बढ़ाती है। इसके तहत वेनेजुएला से सीधे उर्वरक उत्पादों का निर्यात अमेरिका तक करने की अनुमति भी दी गई है, ताकि कृषि क्षेत्र को समर्थन मिल सके।

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बयान में कहा गया, “आज, ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने वेनेज़ुएला से संबंधित कई लाइसेंसों को अपडेट किया है, ताकि देश के ऊर्जा क्षेत्र के पुनरुद्धार को और अधिक मदद मिले और वैश्विक कमोडिटी बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।”

दस्तावेजों के अनुसार, नए ढांचे में वेनेजुएला मूल के तेल के उत्खनन, भंडारण, विपणन, खरीद और परिवहन से जुड़े कई लेनदेन की अनुमति दी गई है। इसमें शिपिंग, बीमा और बंदरगाह सेवाओं जैसी लॉजिस्टिक गतिविधियां भी शामिल हैं, जो तेल निर्यात के लिए आवश्यक होती हैं।

ट्रेजरी विभाग ने कहा, “इससे वेनेज़ुएला के ऊर्जा उद्योग में निवेश और गतिविधियों का विस्तार होगा, और हमारे अमेरिकी किसानों की सहायता के लिए सीधे अमेरिका को उर्वरक के निर्यात की अनुमति देती हैं।”

नई व्यवस्था में पेट्रोकेमिकल उत्पादों की सूची का विस्तार भी किया गया है, जिसमें उर्वरक और उससे जुड़े रसायन शामिल हैं। साथ ही कंपनियों को वेनेजुएला के तेल, गैस, पेट्रोकेमिकल और बिजली क्षेत्रों में संभावित निवेश के लिए प्रारंभिक अनुबंधों पर बातचीत करने की भी अनुमति दी गई है, हालांकि ऐसे समझौतों को लागू करने के लिए अतिरिक्त अमेरिकी मंजूरी जरूरी होगी।

भारत जैसे देशों के लिए यह कदम खास महत्व रखता है। भारत, दुनिया के सबसे बड़े उर्वरक आयातकों में से एक है और कृषि उत्पादन बनाए रखने के लिए यूरिया, फॉस्फेट और पोटाश आधारित उर्वरकों का बड़े पैमाने पर आयात करता है। इसलिए वैश्विक उर्वरक आपूर्ति में बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध तेल भंडारों में से एक है, लेकिन आर्थिक कुप्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और खराब होती अवसंरचना के कारण पिछले दशक में उसके ऊर्जा क्षेत्र में भारी गिरावट आई है।

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