अदाणी डिफेंस और एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की ऊर्जा यात्रा में विदर्भ की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने साफ कहा कि विदर्भ में अदाणी समूह की मौजूदगी सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक साझेदारी है, जो पीढ़ियों तक आगे बढ़ेगी।
‘एडवांटेज विदर्भ 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीत अदाणी ने बताया कि अदाणी समूह इस क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, बेहतर और टिकाऊ रोजगार पैदा करने, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और देश की आर्थिक नींव को और मजबूत करने के उद्देश्य से काम कर रहा है।
अदाणी एयरपोर्ट्स के निदेशक के तौर पर भी उन्होंने कहा कि विदर्भ में किए जा रहे निवेश देश की तीन बड़ी प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। इनमें स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देना, एकीकृत औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम तैयार करना, और युवाओं व समुदायों के लिए समावेशी विकास के अवसर पैदा करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि तिरोड़ा में अदाणी समूह महाराष्ट्र का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक 3,300 मेगावाट का सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट संचालित करता है, जिसे उच्च दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के वैश्विक मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। वहीं, साल 2025 में 600 मेगावाट के बुटीबोरी पावर प्लांट को दोबारा शुरू किया गया, जो कमजोर परिसंपत्तियों को संभालने और देश की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
जीत अदाणी ने आगे कहा कि 25 साल के आपूर्ति समझौतों के जरिए अब महाराष्ट्र को 6,600 मेगावाट भरोसेमंद बिजली दी जा रही है। इसमें खावड़ा की सौर ऊर्जा और मजबूत तापीय बिजली आपूर्ति का संतुलित संयोजन शामिल है, जो राज्य के उद्योगों, शहरों और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रहा है।
उन्होंने कलमेश्वर के लिंगा में प्रस्तावित 70,000 करोड़ रुपये की एकीकृत कोयला गैसीकरण और डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव्स परियोजना को भी बेहद अहम बताया। यह परियोजना न केवल 30,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगी, बल्कि उन्नत रासायनिक विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देगी, ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत करेगी और नागपुर को स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के वैश्विक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेगी।
विमानन और रक्षा क्षेत्र पर बात करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि इंडामर टेक्निक्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के बाद मिहान में स्थित 30 एकड़ के एमआरओ कॉम्प्लेक्स का विस्तार हुआ है। 15 विमान बे, एफएए और डीजीसीए सर्टिफिकेशन और एयर वर्क्स के वैश्विक नेटवर्क से जुड़ाव के साथ नागपुर तेजी से विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बन रहा है।
सामाजिक मोर्चे पर अदाणी फाउंडेशन गोंदिया और नागपुर में 43 स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके तहत पोषण कार्यक्रम, सौर रोशनी, स्वच्छ पानी, खेल, स्कूल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई पहलें चलाई जा रही हैं।
अपने संबोधन के अंत में जीत अदाणी ने कहा, “मेरे लिए विदर्भ सिर्फ महाराष्ट्र का एक हिस्सा नहीं है। यह वह क्षेत्र है, जो आने वाले वर्षों में भारत की विकास कहानी को नई दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाएगा।”
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