नई दिल्ली: देश के सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में एक बार फिर से बड़ी कर्ज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक ने इस धोखाधड़ी की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दी है। बैंक के अनुसार यह घोटाला SREI इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SEFL) और SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SIFL) के पूर्व प्रमोटरों से जुड़ा है, जिसमें कुल ₹2,434 करोड़ का कर्ज शामिल है।
यह दोनों कंपनियां पहले 32,700 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल कर्ज के बोझ तले दब चुकी थीं, जिन्हें दिसंबर 2023 में नए प्रमोटर नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) ने अधिग्रहित किया।
मार्केट बंद होने के बाद जानकारी दी
PNB ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को मार्केट बंद होने के बाद इस धोखाधड़ी की जानकारी शेयर बाजारों और रेगुलेटरी संस्थाओं को दी। बैंक के इस खुलासे के बाद उसके शेयर BSE पर 0.50% गिरकर ₹120.35 पर बंद हुए।
बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, SEFL और SIFL के पूर्व प्रमोटरों के खिलाफ RBI को क्रमशः ₹1,240.94 करोड़ और ₹1,193.06 करोड़ की कर्ज धोखाधड़ी की रिपोर्ट दी गई है। हालांकि बैंक ने इस पूरे बकाया राशि के लिए पहले ही 100 प्रतिशत प्रावधान कर लिया है।
पूर्व प्रमोटरों पर RBI की कार्रवाई
अक्टूबर 2021 में RBI ने SEFL और SIFL के बोर्ड को हटा दिया था। कोलकाता की कनोरिया फैमिली इन दोनों कंपनियों को नियंत्रित करती थी। RBI ने कथित कुप्रबंधन के आरोप में बोर्ड को हटाकर बाद में इन कंपनियों पर IBC के तहत कार्रवाई शुरू की थी।
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PNB के एनपीए में सुधार
PNB के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में सुधार देखा गया है। सितंबर 2024 के अंत में बैंक के NPA ₹47,582 करोड़ थे, जो सितंबर 2025 के अंत तक घटकर ₹40,343 करोड़ रह गए। बैंक ने यह सुधार रिकवरी, अपग्रेडेशन और नए स्लिपेज में कमी के चलते हासिल किया है।
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