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डॉ. बलजीत कौर ने अनाथ, बेसहारा बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने को सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश किए जारी

June 9, 2025

डॉ. बलजीत कौर ने अनाथ, बेसहारा बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने को सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश किए जारी

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में अनाथ और बेसहारा बच्चों के कल्याण और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास तेज़ कर दिए हैं।

इस पहल के तहत, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी बाल गोद लेने की प्रक्रिया में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का सख्ती से पालन किया जाए। डॉ. कौर ने इस बात पर जोर दिया कि जन्म से 18 वर्ष की आयु तक प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, प्यार और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बच्चे के अधिकारों और भविष्य की पूरी तरह से रक्षा करने के लिए गोद लेने का काम केवल कानूनी प्रक्रियाओं के ज़रिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध गोद लेने से तस्करी और शोषण जैसे गंभीर ख़तरे पैदा हो सकते हैं।

एक बार-बार आने वाले मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि अविवाहित माताएं या अपने बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ माता-पिता अक्सर उन्हें सौंपने के लिए अस्पतालों या डॉक्टरों से संपर्क करते हैं।

इसी तरह, भावी दत्तक माता-पिता भी ऐसे प्रतिष्ठानों से संपर्क करते हैं। डॉ. कौर ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए कानूनी गोद लेने के प्रोटोकॉल के बारे में जागरूक होना बहुत ज़रूरी है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि किसी भी बच्चे के आत्मसमर्पण या संभावित गोद लेने से जुड़े किसी भी मामले की सूचना 24 घंटे के भीतर निम्नलिखित में से किसी एक को दी जानी चाहिए: चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), निकटतम पुलिस स्टेशन, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई या पंजीकृत बाल देखभाल संस्थान। डॉ. कौर ने आगे चेतावनी दी कि इन निर्देशों का पालन न करने पर छह महीने की कैद, ₹10,000 का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। ऐसे मामलों को छिपाने या कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार करने वाले संस्थानों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने लोगों को बाल गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए क्रमशः राज्य विभाग और केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के आधिकारिक पोर्टल www.sswcd.punjab.gov.in और carings.wcd.gov.in पर जाने के लिए प्रोत्साहित किया।

डॉ. कौर ने कमजोर बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई और यह सुनिश्चित करने की बात कही कि प्रत्येक गोद लेने की प्रक्रिया सुरक्षित, नैतिक और कानूनी हो।

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