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Farmers Protest: आज शहीद शुभकरण का अंतिम संस्कार बठिंडा में 3 बजे होगा, मौत मामले में पंजाब पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

February 29, 2024

Farmers Protest: आज शहीद शुभकरण का अंतिम संस्कार बठिंडा में 3 बजे होगा, मौत मामले में पंजाब पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

पंजाब/चंडीगढ़। एमएसपी पर कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। वहीं, आज किसान आंदोलन का 17वां दिन है। आंदोलन में भाग लेने वाले ज्यादातर किसान शंभू और खनौरी में डेरा डाले हुए हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि शुभकरण सिंह की मृत्यु के मामले में IPC की धारा 302 और 114 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. किसान आंदोलन में खनौरी बॉर्डर पर मारे गए शुभकरण सिंह का आज उनके पैतृक गांव बठिंडा के बल्लो गांव में अंतिम संस्कार होगा।

पंजाब पुलिस ने बुधवार रात किया हत्या का मामला दर्ज
पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित खनौरी में प्रदर्शनकारी किसानों और हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प के बाद किसान शुभकरण सिंह की मौत मामले में पंजाब पुलिस ने बुधवार रात हत्या का मामला दर्ज किया है। खनौरी में 21 फरवरी को किसानों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में बठिंडा के मूल निवासी शुभकरण (21) की मौत हो गई थी और 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। यह घटना उस वक्त हुई जब कुछ प्रदर्शनकारी किसान पुलिस की ओर से लगाए गए अवरोधकों की ओर बढऩे की कोशिश कर रहे थे। पंजाब पुलिस ने पटियाला के पातड़ां पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 114 के तहत मामला दर्ज किया है।

शुभकरण के पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और घटना का स्थान हरियाणा के जींद जिले के गढ़ी में बताया गया है। खनौरी जींद जिले के पास स्थित है। ‘दिल्ली चलो’ मार्च की अगुवाई कर रहे किसान नेता इस बात पर अड़े थे कि पोस्टमार्टम होने से पहले प्राथमिकी दर्ज की जाए। शुभकरण का शव पटियाला के राजिंदर अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। अंतिम संस्कार आज होगा।

सीएम मान ने परिजन को एक करोड़ रुपये का मुआवजा व छोटी बहन को सरकारी नौकरी देने की है घोषणा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुभकरण के परिजन को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और बहन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अपनी मांगों के पक्ष में सरकार पर दबाव बनाने के वास्ते ‘दिल्ली चलो’ मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं।

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