चंडीगढ़: भारत सरकार द्वारा चिन्हित हरियाणा के 6 जिलों फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, मेवात, सोनीपत और कैथल में पल्स पोलियो 2024-25 का उप-राष्ट्रीय टीकाकरण (एसएनआईडी) दौर रविवार को शुरू हो गया है, जिसमें राज्य की पोलियो मुक्त स्थिति को बनाए रखने के लिए पहले दिन बूथ गतिविधि की गई।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सभी जिला बूथों का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के तहत राज्य में लगभग 15 लाख बच्चों को कवर किया जाना है। यह अभियान घर-घर जाकर अगले दो दिनों तक जारी रहेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि जिला फरीदाबाद में गतिविधि का उद्घाटन विधायक मूलचंद शर्मा द्वारा एसडीएच बल्लभगढ़ में तथा विधायक सतीश फागना एवं कविन्द्र चौधरी द्वारा किया गया; जिला गुड़गांव में पीएचसी भोंडसी में तेजपाल तवर जी द्वारा तथा जिला झज्जर में जिला परिषद के चेयरमैन कैप्टन बिरदाहा द्वारा किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 60 प्रतिशत (9 लाख) बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा चुकी है। इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य में लगभग 6200 बूथ स्थापित किए गए थे, जिन पर लगभग 26,000 स्वास्थ्य अधिकारी/स्वयंसेवक/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा आदि तैनात थे।
राज्य नोडल अधिकारियों और एनपीएसपी-डब्ल्यूएचओ के स्वतंत्र मॉनिटरों के अलावा लगभग 1000 अधिकारियों/कर्मचारियों ने इस गतिविधि की निगरानी की। इस गतिविधि से पहले प्रिंट मीडिया, माइकिंग और अन्य आईईसी गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि पहले दिन (8 दिसंबर, 2024) बूथ गतिविधि के दौरान छूटे हुए बच्चों को 9 और 10 दिसंबर, 2024 को उपरोक्त 6 जिलों में घर-घर जाकर टीमों के माध्यम से पोलियो वैक्सीन की बूंदें पिलाई जाएंगी, जिसमें झुग्गी-झोपड़ियों, अलग-थलग झुग्गियों, ईंट भट्टों, अस्थायी/प्रवासी आबादी और निर्माण स्थलों जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि यह जानना महत्वपूर्ण है कि सभी हितधारक विभागों की लगातार कड़ी मेहनत के कारण, भारत और हरियाणा 2012 से पोलियो मुक्त हैं और पल्स पोलियो के प्रत्येक क्रमिक दौर के साथ, यह सुनिश्चित किया जाता है कि भारत की पोलियो मुक्त स्थिति कायम रहे। इसमें आम जनता से भी सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।

