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चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी: ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले में निवासी ने गंवाए 1.08 करोड़ रुपये

चंडीगढ़: ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, हाल ही में चंडीगढ़ में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। सेक्टर 21 निवासी कनव खन्ना को निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा करके ₹1.08 करोड़ की ठगी का शिकार होना पड़ा।

खन्ना ने सेक्टर 17 स्थित साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि एक अज्ञात जालसाज ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए राजी किया और धीरे-धीरे उनके पैसे ठग लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने बीएनएस और आईटी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

चंडीगढ़ में पिछले साल 500 से ज़्यादा ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं, जिनमें करोड़ों का वित्तीय नुकसान हुआ है। साइबर पुलिस के मुताबिक, जालसाज़ अक्सर पीड़ितों को लुभाने के लिए फ़र्जी ट्रेडिंग ऐप, विदेशी निवेश योजनाओं और फ़र्जी शेयर बाज़ार के वादों का इस्तेमाल करते हैं।

घोटालेबाज कैसे काम करते हैं:

पीड़ितों से सोशल मीडिया या फोन कॉल के ज़रिए संपर्क किया जाता है, और उन्हें भारी मुनाफ़े का वादा किया जाता है।

उन्हें फ़र्जी ट्रेडिंग वेबसाइट या ऐप पर रजिस्टर करने के लिए कहा जाता है।

शुरुआती छोटे निवेश से भरोसा बनाने के लिए फ़र्जी मुनाफ़ा मिलता है।

एक बार जब बड़ी रकम निवेश कर दी जाती है, तो घोटालेबाज वेबसाइट बंद कर देते हैं और गायब हो जाते हैं।

साइबर पुलिस सलाह:

ऑनलाइन निवेश करने से पहले हमेशा कंपनियों की प्रामाणिकता की पुष्टि करें।

अज्ञात निवेश प्रस्तावों या संदिग्ध कॉल का जवाब देने से बचें।

यदि आपको धोखाधड़ी का संदेह है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।

चंडीगढ़ में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने और ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने का आग्रह किया है।

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