चंडीगढ़: शहर में प्याज की कीमतों में एक बार फिर तेजी आ गई है। महज कुछ दिनों में प्याज का भाव 25 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 60 रुपये तक पहुंच गया है। इससे रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में बारिश के दौरान महंगाई किस कदर परेशान करेगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
थोक व्यापारियों के अनुसार मंडी में प्याज की आवक तेजी से कम हुई है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन 15 से 20 ट्रक प्याज पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर महज 4 से 5 ट्रक रह गई है। मौजूदा समय में राजस्थान, नासिक और इंदौर से सीमित मात्रा में प्याज मंडी पहुंच रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि सबसे अधिक असर मध्य प्रदेश में बारिश के कारण प्याज की फसल खराब होने से पड़ा है। फसल की खुदाई के बाद हुई बारिश के चलते बड़ी मात्रा में प्याज खेतों में ही सड़ गया। इसके अलावा नासिक और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से आवक प्रभावित हुई है।
थोक व्यापारियों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में प्याज की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे मांग और आपूर्ति में अंतर के अलावा पिछली रबी फसल में उत्पादन कम होना भी प्रमुख कारण है।
व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध हटाना भी कीमत बढ़ने की एक वजह माना जा रहा है। सरकार ने घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए दिसंबर 2023 में लगाए गए निर्यात प्रतिबंध को वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत में हटा दिया था। आवक में कमी और बढ़ती मांग के चलते आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों पर दबाव बने रहने की आशंका है।

