चंडीगढ़: चूंकि ‘युद्ध नाशियां विरुद्ध’ अभियान के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं और नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज करवाने वाले व्यक्तियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है, इसलिए पंजाब सरकार अब एक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रही है जिसका उद्देश्य पुनर्वासित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक पुनः शामिल करना है।
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष और रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में पुनर्वासित व्यक्तियों को मुख्यधारा में पुनः शामिल करने के लिए कौशल से लैस करने का निर्णय लिया गया।
अमन अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पुनर्वासित व्यक्तियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम की देखरेख के लिए एक परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) स्थापित करें, ताकि उनका सफल पुनर्वास सुनिश्चित हो सके और नशे की लत में पुनः फंसने से रोका जा सके।
रोजगार सृजन मंत्री ने पंजाब कौशल विकास मिशन (पीएसडीएम), तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को पुनर्वासित व्यक्तियों को मांग के अनुसार कौशल प्रदान करने के लिए उद्योगों के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया, साथ ही उन्हें कौशल प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए डिप्टी कमिश्नरों, जिला रोजगार एवं उद्यम ब्यूरो (डीबीईई) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय करने के लिए कहा।
अमन अरोड़ा ने संबंधित अधिकारियों से कौशल विकास में रुचि रखने वाले पुनर्वासित व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें उपयुक्त व्यवसायों से जोड़ने के लिए भी कहा। मिशन निदेशक पीएसडीएम को इन कुशल व्यक्तियों के लिए नौकरी की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें मुख्यधारा के समाज में सफलतापूर्वक पुनः शामिल किया जा सके।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पुनर्वासित व्यक्तियों में अच्छी आदतें और कौशल विकसित करना है, ताकि उन्हें सशक्त बनाया जा सके और उनके दोबारा नशे की लत में फंसने की संभावनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य लक्षित कौशल विकास के माध्यम से नशे की लत से ग्रस्त लोगों को उद्यमियों में बदलना है।”
बैठक में प्रमुख सचिव रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण सुश्री अलकनंदा दयाल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, डीआईजी (एएनटीएफ) संजीव रामपाल, आईजी जेल रूप कुमार अरोड़ा, मिशन निदेशक पंजाब कौशल विकास मिशन, सुश्री अमृत सिंह, निदेशक तकनीकी शिक्षा मोनेश कुमार, निदेशक पेंशन अमनदीप बंसल, निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन श्री मोहिंदर पाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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