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सत्ता के लिए हिंसा के प्रयोग को कबूलना कांग्रेस का सबसे काला चेहरा दिखाता है: बलतेज पन्नू

use violence political power darkest side Congress party Baltej Pannu

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चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल के चौंकाने वाले बयानों पर कांग्रेस लीडरशिप की “आपराधिक चुप्पी” पर तीखा हमला किया है। भट्टल ने हाल ही में दावा किया था कि उन्हें कांग्रेस सरकार गिराने के लिए पंजाब में बम धमाके करने की सलाह दी गई थी।

कांग्रेस कोई बहुत कड़वी सच्चाई दबाने की कोशिश कर रही?

गुरुवार को पार्टी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि यह बहुत चिंताजनक बात है कि इंटरव्यू वायरल होने के 24 घंटे से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी, न तो राजिंदर कौर भट्टल और न ही किसी सीनियर कांग्रेसी नेता ने इस बयान पर स्पष्टीकरण दिया है और न ही इसकी निंदा की है। उन्होंने सवाल किया कि यह चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या ये बातें सच हैं, या कांग्रेस कोई बहुत कड़वी सच्चाई दबाने की कोशिश कर रही है?

पन्नू ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसे खुलासे हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी पहले युवाओं को तत्कालीन प्रधानमंत्री के सामने पेश करने और बाद में मारे जाने की बात कही थी, जिन दावों की कभी जांच नहीं की गई। पन्नू ने सवाल किया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सालों तक पंजाब पर राज करने के बावजूद उन युवाओं के बारे में कभी बात क्यों नहीं की या उनके परिवारों के लिए न्याय क्यों नहीं मांगा?

पंजाब ने अशांति के दौरान हिंसा की बहुत बड़ी कीमत चुकाई

भट्टल के इंटरव्यू का हवाला देते हुए पन्नू ने कहा कि यह दावा करना कि सीनियर नेताओं, सलाहकारों या अधिकारियों ने चुनाव जीतने के लिए सार्वजनिक जगहों पर बम विस्फोट करने का सुझाव दिया था, यह बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने अशांति के दौरान हिंसा की बहुत बड़ी कीमत चुकाई है। परिवार उजड़ गए, जवानी खत्म हो गई और राज्य अभी भी सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से उस बोझ को उठा रहा है। आतंकवाद को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का सुझाव देना भी माफ़ करने लायक नहीं है।

पन्नू ने पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और अन्य सीनियर नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस कम से कम पंजाबियों को यह तो बताए कि राजिंदर कौर भट्टल झूठ बोल रही हैं या सच? ऐसी सलाह देने वाले कौन से नेता, अफसर और सलाहकार थे?

उनके ही नेता उस काले इतिहास को बेनकाब कर रहे

उन्होंने इस बयान को 2017 के चुनाव से पहले हुए बम धमाकों से भी जोड़ा, जिनमें बच्चों समेत कई बेगुनाहों की जान चली गई थी। पूरी जवाबदेही की मांग करते हुए पन्नू ने कहा कि अगर भट्टल का बयान सच है, तो पंजाबियों को यह पूछने का पूरा हक है कि क्या ऐसी घटनाएं सत्ता हथियाने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थीं। पारंपरिक पार्टियों की तुलना करते हुए पन्नू ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल ने राजनीतिक सुविधा के लिए एसवाईएल, चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी या बीबीएमबी जैसे पंजाब के हितों के साथ बार-बार समझौता किया है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने सच को दबाकर और पंजाब के हकों की कुर्बानी देकर राज किया। आज उनके ही नेता उस काले इतिहास को बेनकाब कर रहे हैं।

पन्नू ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप ने पंजाब के हक और सम्मान से जुड़े हर मुद्दे पर मज़बूती से स्टैंड लिया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार पंजाबियों को भरोसा दिलाती है कि राज्य को फिर कभी राजनीतिक प्रयोगों की लैब नहीं बनने दिया जाएगा। पंजाब की शांति, हक और भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पन्नू ने कहा कि सच हमेशा के लिए छिप नहीं सकता। उन्होंने कहा कि नीले सियार की कहानी की तरह इन पुरानी पार्टियों का असली चेहरा नंगा हो रहा है। पंजाबियों को याद रखना चाहिए कि पहले समय में सरकारें कैसे बनी थीं और ऐसी ताकतों को कभी वापस नहीं आने देना चाहिए।

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