
चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने सोमवार को लुधियाना शहर के पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 5 में तैनात सहायक सब इंस्पेक्टर (एएसआई) चरणजीत सिंह को 2,70,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद उसने ब्यूरो के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए राज्य ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्ध में लुधियाना शहर के बस स्टैंड के नजदीक जवाहर नगर कैंप में होटल ताज के मालिक कमलजीत आहूजा द्वारा मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन में दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर उक्त पुलिस कर्मियों के विरुद्ध पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है।
उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने अपनी ऑनलाइन शिकायत में आरोप लगाया है कि उक्त एएसआई ने उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ उक्त पुलिस स्टेशन में पहले से दर्ज मामले में धारा 307, 379-बी आईपीसी जोड़ने के लिए उसे धमकाकर अवैध रिश्वत प्राप्त की है तथा उससे और अधिक रिश्वत राशि की मांग कर रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं, क्योंकि मौखिक साक्ष्यों के साथ-साथ शिकायतकर्ता और संदिग्ध एएसआई चरणजीत सिंह के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग से भी यह बात पुष्ट हुई है। उन्होंने आगे बताया कि इस जांच के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह साबित हुआ है कि एएसआई चरणजीत सिंह ने इस थाने के एसएचओ के नाम पर 2,70,000 रुपये की रिश्वत ली थी और शिकायतकर्ता को अपना होटल सुचारू रूप से चलाने की अनुमति देने के लिए 2 लाख रुपये प्रति माह की रिश्वत भी मांगी थी।
उन्होंने बताया कि इस जांच रिपोर्ट के आधार पर उक्त एएसआई चरणजीत सिंह के विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के लुधियाना रेंज थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान संबंधित एसएचओ और अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
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