Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

हेट स्पीच केस में अब्बास अंसारी को इलाहाबाद HC से बड़ा झटका, कोर्ट ने खारिज की याचिका

June 25, 2025

हेट स्पीच केस में अब्बास अंसारी को इलाहाबाद HC से बड़ा झटका, कोर्ट ने खारिज की याचिका

नेशनल डेस्क : पूर्व विधायक और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के नेता अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने हेट स्पीच की सीडी और फॉरेंसिक रिपोर्ट को चुनौती दी थी। जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने कहा कि चूंकि ट्रायल कोर्ट ने पहले ही उन्हें दो साल की सजा सुनाई है, ऐसे में हाईकोर्ट इस समय कोई दखल नहीं देगा। कोर्ट ने अब्बास को यह भी निर्देश दिया कि सीडी की वैधता से जुड़ी बातें वह अब सेशन कोर्ट में अपील के दौरान उठाएं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

क्या है हेट स्पीच का मामला?

आपको बता दें कि यह मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है। 3 मार्च 2022 को अब्बास अंसारी ने मऊ जिले के पहाड़पुर मैदान में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कथित रूप से कहा था कि “चुनाव के बाद अधिकारियों से हिसाब-किताब लिया जाएगा और सबक सिखाया जाएगा।” इस बयान को प्रशासन के खिलाफ धमकी के रूप में देखा गया और इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।

FIR और CJM कोर्ट का फैसला

अब्बास अंसारी के इस बयान के बाद 4 मार्च 2022 को मऊ कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह एफआईआर सब-इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद की तहरीर पर की गई थी। इस मामले की सुनवाई मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में चली। अंततः 31 मई 2024 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने अब्बास अंसारी को दो साल की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

CD और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर उठाया था सवाल

अब्बास अंसारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि जिस सीडी को सबूत के तौर पर पेश किया गया, उसमें उनके भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने फॉरेंसिक रिपोर्ट की वैधता पर भी सवाल उठाए थे। लेकिन हाईकोर्ट ने साफ किया कि इन तमाम तकनीकी पहलुओं पर चर्चा अब सेशन कोर्ट की अपील प्रक्रिया में ही होगी, फिलहाल इसमें दखल नहीं दिया जा सकता।

क्या बोले कोर्ट और क्या होगा आगे?

हाईकोर्ट का फैसला अब्बास अंसारी के लिए कानूनी रूप से एक बड़ा झटका है। चूंकि उन्हें ट्रायल कोर्ट से पहले ही सजा मिल चुकी है और अब हाईकोर्ट ने भी राहत देने से इनकार कर दिया है, उनकी राजनीतिक स्थिति और कानूनी लड़ाई दोनों मुश्किल में हैं। हालांकि उनके पास अब भी सेशन कोर्ट में अपील करने का विकल्प खुला है, जहां वह सबूतों की वैधता और फैसले के खिलाफ दलील दे सकते हैं।

मुख्तार अंसारी के बेटे …

अब्बास अंसारी, यूपी के कुख्यात गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। मऊ से विधायक रहने के दौरान भी उन पर कई विवादों और गंभीर आरोपों की छाया रही। यह मामला भी उनकी राजनीतिक छवि और भविष्य पर असर डाल सकता है। इस पूरे मामले से साफ है कि चुनावों के दौरान कही गई बातें भी कानून के दायरे में जांची जाती हैं। कोर्ट का यह फैसला राजनीतिक नेताओं के लिए भी एक चेतावनी है कि सार्वजनिक मंच से दिए गए बयानों की गंभीरता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें