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Hate Speech Case : मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास की विधायकी खत्म, कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा

June 1, 2025

Hate Speech Case : मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास की विधायकी खत्म, कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा

नेशनल डेस्क : मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी को बड़ा झटका लगा है। मऊ सदर से विधायक रहे अब्बास अंसारी की विधायकी रद्द कर दी गई है। इसकी वजह है उनके खिलाफ वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिया गया विवादित बयान, जिसे कोर्ट ने हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) माना और उन्हें दो साल की सजा सुनाई। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

क्या है पूरा मामला ?

आपको बता दें कि 2022 के चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी ने एक ऐसा बयान दिया था जो आचार संहिता और कानून के खिलाफ माना गया। इस बयान के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, जो अब जाकर मऊ कोर्ट में खत्म हुआ। शनिवार को कोर्ट ने उन्हें दोषी पाते हुए दो साल की सजा सुनाई, जिसके बाद अब उसकी विधायकी भी चली गई।

क्यों गई विधायकी ?

भारतीय संविधान के अनुसार, अगर किसी विधायक या सांसद को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी नियम के तहत उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अब्बास अंसारी की सदस्यता खत्म कर दी।

क्या अब्बास अंसारी बच सकते हैं?

संविधान के तहत अगर हाई कोर्ट से उन्हें राहत मिलती है, यानी अगर हाई कोर्ट उनकी सजा पर स्टे (रोक) लगा देता है, तो उनकी विधायकी फिर से बहाल हो सकती है।
ओम प्रकाश राजभर, जो सुभासपा के अध्यक्ष हैं और यूपी सरकार में मंत्री हैं, उन्होंने कहा है कि वे अब्बास की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।

मऊ सदर सीट पर होगा उपचुनाव?

चूंकि अब मऊ सदर सीट खाली हो गई है, इसलिए माना जा रहा है कि वहां जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। यह वही सीट है जिस पर मुख्तार अंसारी जो कभी पूर्वांचल के नेताओं में गिने जाते थे लंबे समय तक विधायक रहे।

सुभासपा की स्थिति और सियासी मायने

सुभासपा, यानी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की सहयोगी है। पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। अब्बास की सजा और विधायकी खत्म होना न केवल सुभासपा बल्कि एनडीए के लिए भी राजनीतिक रूप से असहज स्थिति पैदा कर सकता है, खासकर मुस्लिम और पूर्वांचल बेल्ट में।

अब्बास अंसारी को सजा और विधायकी खत्म होने का दोहरा झटका लगा है। उनकी पार्टी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। अगर कोर्ट से राहत मिली तो वे फिर से विधायक बन सकते हैं, वरना मऊ में उपचुनाव तय है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया कि राजनीति और कानून अब पहले से ज्यादा जुड़ चुके हैं, और भड़काऊ भाषणों का सीधा असर चुनावी भविष्य पर पड़ सकता है।

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