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पुंछ में सेना को मिली बड़ी सफलता, तलाशी अभियान में आतंकी ठिकानों से 5 IED बरामद

Army got big success in Poonch

Army got big success in Poonch

पुंछ : पहलगाम हमले के बाद से सेना, पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने दक्षिण कश्मीर के घने जंगलों और आसपास के इलाकों में चप्पे-चप्पे पर तलाशी शुरू कर दी है। वीडियो सर्विलांस और ड्रोन के जरिए आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में एसओजी को सर्च अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है।

पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के मरहोट क्षेत्र में रविवार देर रात सुरक्षा बलों, सेना, पुलिस और एसओजी के साझा तलाशी अभियान के दौरान ध्वस्त किए गए आतंकी ठिकानों से पांच आईईडी, वायरलेस सेट और कुछ कपड़े बरामद हुए हैं। सुरक्षाबलों ने इस सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ठिकाना कब और किस आतंकी संगठन ने तैयार किया था।

भारतीय सेना ने दिया जवाब

पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबलों ने अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा, त्रल, सोपोर, बारामुल्ला, कुपवाड़ा और बांदीपुरा जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को लगातार 11वें दिन जम्मू एवं कश्मीर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय चौकियों पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की, जिसका भारतीय सैनिकों ने तुरंत और उचित जवाब दिया।

रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘04-05 मई 2025 की रात के दौरान, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, राजाैरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की।’ मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘भारतीय सेना ने त्वरित एवं उचित जवाब दिया।’

3 और 4 मई की रात को पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ, राजाैरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की। भारतीय सेना ने तुरंत और उचित जवाब दिया।

भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध अनेक कदम उठाए हैं, जिनमें भारतीय भूमि से उसके नागरिकों को वापस भेजना, अटारी-वाघा सीमा को बंद करना, सिंधु जल संधि को स्थगित करना, पाकिस्तानी वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करना तथा दोनों देशों के बीच सभी व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को रद्द करना शामिल है।

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