
नेशनल डेस्क : ओडिशा के एक बड़े यूनिवर्सिटी से बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, यहां एक बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा ने अपने कमरे में आत्महत्या कर लिया है। इस बात की जानकारी ओडिशा पुलिस के द्वारा दी गई है। जिसके बाद यूनिवर्सिटी के द्वारा छात्रावास को पूरी तरह से बंद करके छात्रों को अपने घर लौटने को कहा है। आइए जानते इस खबर को विस्तार से…
नेपाल की रहने वाली थी छात्रा
ओडिशा में कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी ( KIIT University) में बीटेक तृतीय वर्ष की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई । विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया कि यह छात्रा नेपाल की रहने वाली थी। पुलिस ने बताया कि छात्रा ने आत्महत्या कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, छात्रा केआईआईटी में पढ़ने वाले एक अन्य छात्र से प्रेम संबंध रखती थी। इस संबंध को लेकर कुछ विवाद या तनाव हो सकता है, हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
#WATCH | Odisha: A https://t.co/jHgpcuG1h1 third-year girl student from Nepal was found dead in KIIT University (Kalinga Institute of Industrial Technology) hostel in Bhubaneswar on 16th February. As per a notice issued by the University, the institute is hence closed sine die… pic.twitter.com/vVfgY140up
— ANI (@ANI) February 17, 2025
KIIT University ने पुलिस को किया सूचित
घटना की सूचना के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने नेपाल के छात्रों के बीच तनाव को महसूस करते हुए उनसे बातचीत की। स्थिति को शांतिपूर्ण रखने के लिए, विश्वविद्यालय ने नेपाल के छात्रों को उनके घर भेजने का निर्णय लिया। बता दें कि विश्वविद्यालय नोटिस जारी करते हुए कहा कि संस्थान को नेपाल के सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है और उन्हें आज 17 फरवरी को तुरंत विश्वविद्यालय परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात
विश्वविद्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की दो टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें से एक टुकड़ी में 30 जवान शामिल हैं। पुलिस ने छात्रा के कमरे को सील कर दिया है और शव को उसके माता-पिता के आने तक शवगृह में रखवा दिया है। इस मामले की आगे की जांच की जा रही है, ताकि छात्रा की मौत के सही कारणों का पता चल सके। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं।
#WATCH | Anil Prasad Yadav from Nepal says, “…We were pushed out of the hostel today. A girl from Nepal was found dead yesterday. We went to International Office to find out more details about this but we could not find anything. We were there overnight, sitting on a dharna. We… pic.twitter.com/ZEvKPNXen4
— ANI (@ANI) February 17, 2025
हॉस्टल से निकालने का आदेश
नेपाल के छात्र अनिल प्रसाद यादव और राजन गुप्ता समेत कई अन्य नेपाल के छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें केआईआईटी के हॉस्टल से अचानक बाहर निकाल दिया गया। अनिल ने बताया कि “आज हमें हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया। कल नेपाल की एक लड़की मृत पाई गई, और इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हम अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय गए, लेकिन हमें कुछ नहीं बताया गया।” छात्र ने यह भी कहा कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट जानकारी के रातभर धरने पर बैठना पड़ा और फिर एक घंटे के भीतर अपना सामान समेटने को कहा गया।
समस्या और असुविधाएं
अनिल ने आगे कहा, “हमारे पास कुछ भी नहीं है। हमें नहीं पता कि हम कैसे जाएंगे, हमने खाना भी नहीं खाया है, और अब टिकट लेने की कोशिश कर रहे हैं।” इसके साथ ही, राजन गुप्ता ने भी इसी तरह की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा, “हमें लड़की के लिए प्रदर्शन करने की अनुमति दी जा रही थी, लेकिन फिर हमें जबरन हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर किया गया।” उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेन का कोई तय शेड्यूल नहीं था और उनके पास यात्रा के लिए पैसे भी नहीं थे।
#WATCH | Rajan Gupta from Nepal says, “…We were protesting for the (deceased) girl. We don’t know what their intentions are but we were forcibly made to vacate the hostel. There is no fixed schedule of the train, I have no money. We have not even had food. We are helpless…We… pic.twitter.com/bj2TLUWWIx
— ANI (@ANI) February 17, 2025
हॉस्टल में मारपीट और धमकियां
राजन गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके साथियों को हॉस्टल से खाली करने के लिए दबाव डाला गया और जो छात्र जल्दी से हॉस्टल खाली नहीं कर रहे थे, उन्हें मारपीट भी की गई। उन्होंने कहा, “स्टाफ के सदस्य हॉस्टल में घुस आए, हमें खाली करने के लिए मजबूर किया और जो लोग जल्दी से जल्दी नहीं खाली कर रहे थे, उन्हें मारा भी।”
निलंबन और दबाव
नेपाल के छात्रों को बताया गया कि उनका निलंबन कर दिया गया है और उन्हें जल्द से जल्द हॉस्टल खाली करना होगा। इस पूरी स्थिति से छात्रों में निराशा और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि उन्हें न तो उचित जानकारी दी जा रही है और न ही किसी प्रकार का समर्थन मिल रहा है।