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…पहले ऑर्डर किया Pizza, फिर लगाई फांसी, भाई से दो साल पहले रचाई थी शादी

नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत का पत्नी मुस्कान रस्तोगी और प्रेमी साहिल शुक्ला द्वारा हत्या करने का चल रहे सुर्खियों के बीच एक और मामला पश्चिमी दिल्ली के डाबरी इलाके से सामने आया है। जहां, प्रीति कुशवाह एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी। दो साल पहले, वह अपने परिवार के साथ एक पारिवारिक समारोह में गई थी। वहां उसकी मुलाकात अपने दूर के चचेरे भाई रिंकू (बदला हुआ नाम) से हुई। दोनों ने एक-दूसरे के नंबर लिए और बातें शुरू हो गईं। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। वे घंटों फोन पर बातें करते, चैटिंग करते और एक-दूसरे के करीब आ गए।

प्यार गहरा होने के बाद छिपकर रचाई शादी

जब दोनों का प्यार गहरा हो गया, तो उन्होंने परिवार से छुपकर शादी कर ली। लेकिन यह शादी ज्यादा दिन नहीं टिक पाई। पिछले कुछ महीनों में रिंकू ने प्रीति से दूरी बना ली। उसने न सिर्फ प्रीति से बात करना बंद कर दिया, बल्कि उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया।

प्यार में धोखा मिलमने से डिप्रेशन में चली गई प्रीति

प्रीति इस रिश्ते में मिले धोखे को बर्दाश्त नहीं कर पाई और गहरे डिप्रेशन में चली गई। उसने सोशल मीडिया पर अपने दर्द को बयां करने वाली कई पोस्ट लिखीं। 13 मार्च को उसने इंस्टाग्राम पर लिखा- “क्या हुआ अगर वह मुझे मैसेज नहीं करता? उसे मुझे याद रखना चाहिए।” फिर 19 मार्च को उसने लिखा- “फर्क तो पहले पड़ता था, अब तो हम उन्हें देखते तक नहीं हैं।” इन पोस्ट्स से साफ था कि वह अंदर से टूट चुकी थी।

फांसी लगाने से पहले पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक का किया ऑर्डर

फांसी लगाने से पहले प्रीति ने पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक का ऑर्डर दिया। उसने अपनी मां को फोन किया और खाने की बात की। लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह ऐसा खौफनाक कदम उठाने जा रही है। जब घरवालों को इस बारे में पता चला, तो उनकी दुनिया ही उजड़ गई।

मामले की जांच जारी

डाबरी थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। प्रीति के फोन और चैट्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

इलाके में चर्चा का विषय बना मामला

प्रीति की मौत से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है। लोग सवाल कर रहे हैं – क्या यह सिर्फ प्यार में मिले धोखे की वजह से हुआ, या इसके पीछे कोई और साजिश छिपी है? पुलिस जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। लेकिन यह दर्दनाक घटना हमें सिखाती है कि किसी भी भावनात्मक परेशानी को अकेले झेलने की बजाय अपनों से बात करनी चाहिए।

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