नेशनल डेस्क। ओडिशा के संबलपुर जिले के खेत्राजपुर इलाके में एक युवक की लाश मिलने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि यह कोई सामान्य मौत नहीं थी, बल्कि पहले से रची गई साजिशन हत्या थी। इस पूरी घटना के पीछे लव ट्रायंगल यानी प्रेम-त्रिकोण की वजह सामने आई है। मुख्य आरोपी आशुतोष गिरफ्तार हो चुका है, जबकि इस मामले में शामिल नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया गया है। तीसरा आरोपी अभी फरार है।
क्या है पूरी घटना
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक युवक अभय दास का एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था। बाद में वही लड़की आशुतोष नाम के युवक के संपर्क में आई और उनके बीच नया रिश्ता शुरू हो गया। इससे तीनों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, आशुतोष और लड़की ने अभय को रास्ते से हटाने के लिए हत्या की योजना बनाई।
कैसे बनाई हत्या की योजना?
नाबालिग लड़की ने योजना के मुताबिक अभय को लक्ष्मीडुंगुरी पहाड़ी पर बुलाया। वहां उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। बेहोश होते ही उस पर चाकू और सर्जिकल ब्लेड से हमला कर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद लाश को खाई में फेंक दिया गया और आरोपी भाग निकले। पुलिस ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल नशीला पदार्थ और ब्लेड उसी अस्पताल से लाए गए थे, जहां आशुतोष इंटर्नशिप कर रहा था।
कैसे हुई लाश की पहचान
अभय के पिता रामानंद दास ने 8 दिसंबर को बेटे के लापता होने की शिकायत दी थी। काफी खोजबीन के बाद भी अभय नहीं मिला। घर लौ टते समय पिता को रास्ते में बेटे की स्कूटी दिखी। उन्हें लगा कि बेटा पास में ही कहीं गया होगा। लेकिन करीब 100 मीटर आगे उन्हें बेटे की चप्पल दिखाई दी। पास के पहाड़ी इलाके में जाकर उन्होंने अभय का शव देखा, जिसमें कई जगह गहरे घाव थे। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस में हत्या की शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल और सबूतों से खुली पोल
शिकायत मिलते ही पुलिस टीम बनाई गई जिसमें शामिल थे एसडीपीओ सदर, एसडीपीओ बुर्ला, आईआईसी बुर्ला, आईआईसी खेत्राजपुर। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, परिस्थितिजन्य सबूत (Circumstantial Evidence) सबकी जांच की। जांच में आशुतोष की भूमिका पक्की होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन है आरोपी आशुतोष
आशुतोष दास, सोनपुर जिले का रहने वाला है। वह एक अस्पताल में नर्सिंग की इंटर्नशिप कर रहा था। मेडिकल ज्ञान होने का फायदा उसने हत्या की योजना में उठाया।

