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अमृतसर में ISI के 2 एजेंट अरेस्ट, भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी को भेजते थे पाकिस्तान

नेशनल डेस्क : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की मौत हो गई। जिसके बाद से ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसके साथ ही पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच पंजाब पुलिस ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। पुलिस ने अमृतसर में दो जासूसों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है। यह दोनों जासूस पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, आईएसआई को संवेदनशील सूचनाएं भेजते थे। गिरफ्तार जासूसों के नाम पलाक शेर मसीह और सूरज मसीह हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप

आपको बता दें कि पंजाब पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी 3 मई 2025 को अमृतसर ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई। दोनों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने सेना छावनी क्षेत्रों और वायुसेना के ठिकानों की संवेदनशील जानकारी और तस्वीरें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को लीक की थीं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये दोनों जासूस पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से जुड़े हुए थे, जिनका संपर्क हरप्रीत सिंह उर्फ पिट्टू उर्फ हैप्पी से था। दिलचस्प बात यह है कि हैप्पी फिलहाल अमृतसर सेंट्रल जेल में बंद है।

गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। दोनों जासूसों से कड़ी पूछताछ की जा रही है, ताकि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का पता चल सके। पंजाब पुलिस के डीजीपी ने कहा कि यह गिरफ्तारी भारतीय सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता है।

पंजाब पुलिस भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़ी ….

वहीं इस पूरे मामले पर डीजीपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़ी है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कर्तव्य पर अडिग है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का पंजाब पुलिस और भारतीय सेना दृढ़तापूर्वक और तत्काल जवाब देगी।

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव

यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ चुका है। हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस हमले में 4 आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी और 17 अन्य को घायल कर दिया था। इस घटना के बाद पाकिस्तान पर आरोपों की झड़ी लगाई गई है और भारत ने कई कड़े फैसले भी लिए हैं। फिलहाल, इस मामले की जांच एनआईए (National Investigation Agency) कर रही है।

पुलिस और सेना की समन्वित कार्रवाई

अमृतसर में जासूसों की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान की हर गतिविधि पर निगरानी रखे हुए हैं और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा रही है। इन जासूसों का पकड़ा जाना देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी राहत है, खासकर जब पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन और सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है। इस गिरफ्तारी से यह भी जाहिर होता है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान के खुफिया प्रयासों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी तरह के खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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