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कोठे शेरजंग में जसकीरत सिंह उर्फ जस्सा के कत्लकांड का मामला: मामूली विवाद से शुरू हुई दुश्मनी पहुंची हत्या तक

जगराओं Murder Case: कोठे शेरजंग में तेजधार हथियारों से हुई जसकीरत सिंह उर्फ जस्सा की निर्मम हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह के कोर्ट में सरैंडर के बाद पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। थाना सिटी जगराओं के एसएचओ वरिंदर पाल सिंह उप्पल के मुताबिक अब तक इस मामले में कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि रमनदीप का भाई कुलजीत सिंह उर्फ पीतू अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जिन पांच आरोपियों की इस केस में गिरफ्तारी हुई है, उसमें मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह के कोर्ट में सरैंडर के बाद मृतक जसकीरत जस्सा की भंडारी मार्कीट वाली ट्रेडिंग की दुकान के साथ ही हेयर ड्रैसर की दुकान करते साजन कुमार निवासी अजीत नगर, सिधवां बेट रोड पर देसी दवाखाना चलाते विजय कुमार, रमनदीप के भाई कुलदीप सिंह पीतू के दोस्त ढोलन निवासी गुरजीत सिंह और सुखचैन सिंह उर्फ निक्का निवासी कोठे फतहदीन का नाम शामिल है।

महज पार्किंग से शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला महज पार्किंग विवाद से शुरू हुआ था। जसकीरत और रमनदीप सिंह के बीच करीब 25 दिन पहले सिधवां बेट रोड मार्कीट में हाथापाई हुई थी, जिसे दुकानदारों ने बीच-बचाव कर खत्म कराया था। हालांकि, रमनदीप इस घटना से गुस्से में था और जसकीरत से बदला लेने की पूरी तरह से ठान चुका था। शुरुआत में मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह ने इस योजना में अपनी दुकान से कुछ ही दूरी पर बने देसी दवाखाना के मालिक विजय कुमार को शामिल किया, जिसके बाद विजय ने अपने दो दोस्तों को और इस कत्लकांड में जोड़ लिया। इसके अलावा रमनदीप का भाई कुलजीत उर्फ पीतू और उसका एक मित्र गुरजीत सिंह भी वारदात में शामिल था। जसकीरत की शेयर मार्कीट ट्रेडिंग की दुकान के साथ हेयर ड्रैसर की दुकान करते साजन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। शक है कि दुकान पर बैठे साजन ने ही आरोपियों को जसकीरत के दुकान से निकलने की बात बताई, जिसके बाद कामयाब हुए।

हत्या का वीडियो और हथियार की एफएसएल रिपोर्ट खोलेगी कई राज : जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह के पास से बरामद मोबाइल, जिसमें उसने हत्या के बाद कबूलनामे का वीडियो शूट किया था और जसकीरत की .45 बोर पिस्टल जिसे आरोपियों ने स्कॉर्पियो गाड़ी में आग लगा दी थी को पुलिस एफएसएल लैब भेज रही है। वहां से आने वाली रिपोर्ट से साफ होगा कि जसकीरत ने अपने ऊपर हुए हमले के दौरान आत्मरक्षा में कोई फायर किया था या नहीं।

पहली दो कोशिशों में नाकाम रहे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार जसकीरत की हत्या की यह तीसरी कोशिश थी। इससे पहले भी दो बार आरोपी जसकीरत की हत्या के लिए इकट्ठे हुए परंतु सफलता नहीं मिली। तीसरी बार वारदात की रात आरोपियों ने रेलवे लाइन से उठाए पत्थर अपने पास रखे। जसकीरत को अपनी भंडारी मार्कीट में बनी दुकान से स्कॉर्पियो में आते देख सबसे पहले उसकी गाड़ी पर आरोपियों ने पत्थर फैंके, जिससे उसने गाड़ी धीमी कर दी। इसी दौरान उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी के आगे मोटरसाइकिल फैंक कर रमनदीप ने अपनी पिकअप गाड़ी से स्कॉर्पियो को टक्कर मारी। जब तक जसकीरत सिंह उर्फ जस्सा कुछ समझ पाता तब तक 6-7 हमलावरों ने डंडों और तलवारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और लहूलुहान करके उसकी गाड़ी को पैट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया गया।

जसकीरत की पत्नी और छोटा भाई आ रहे थे उससे मिलने
जानकारी के मुताबिक वारदात के वक्त जसकीरत का छोटा भाई और पत्नी उसके पास दुकान पर जा रहे थे क्योंकि जसकीरत का उस दिन पत्नी के साथ सिनेमा में पिक्चर देखने का प्रोग्राम बना था, परंतु वो अपनी ट्रेडिंग की ऑनलाइन क्लास में ही लेट हो गया। उसके छोटे भाई ने घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जसकीरत को सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़ा देखा, जबकि स्कॉर्पियो को पहले से योजना के तहत पैट्रोल डालकर आग के हवाले किया जा चुका था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गाड़ी में डाला गया पैट्रोल किसी पैट्रोल पंप से नहीं बल्कि मोटरसाइकिल की टंकी से बोतल में भरकर लाया गया था। वीडियो में स्कॉर्पियो पर पैट्रोल डालकर आग लगाने वाला शख्स गुरजीत सिंह निवासी ढोलन है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक अन्य गिरफ्तार आरोपी सुखचैन सिंह उर्फ निक्का निवासी कोठे फतेहदीन है, जो पुलिस की गिरफ्त में है। पैट्रोल डालकर आग लगाने वाला आरोपी गुरजीत सिंह दरअसल मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह के भाई कुलदीप सिंह उर्फ पीतू का ही दोस्त था, जिसे पुलिस ने रमनदीप की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।

पुलिस कस्टडी में रमनदीप बोला, जल्दबाजी में हुआ बड़ा गुनाह
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह अब पुलिस की कस्टडी में अपने जल्दबाजी में उठाए गए कदम पर पछता रहा है। उसने माना कि जल्दबाजी में इस वारदात को अंजाम देकर उसने कई परिवारों की जिंदगी बर्बाद कर दी। रमनदीप के मुताबिक उसे कहीं न कहीं ये भी डर था कि यदि उसने जसकीरत जस्सा को नहीं मारा तो कही जस्सा उसे ही न खत्म कर दे। इसी बात के लिए उसने रमनदीप सिंह ने अपने पिता को तीन बार मृतक जसकीरत सिंह जस्सा के घर भी भेजा था, परंतु वहां जसकीरत की मुलाकात रमनदीप के पिता के साथ नहीं हो पाई। वारदात से कुछ मिनिट पहले भी रमनदीप के पिता एक्टिवा पर जसकीरत के घर गए सीसीटीवी में देखे गए परंतु घर से कुछ ही दूरी पर वो बिना किसी से कुछ कहे वापस लौट आए। केस के जांच अधिकारी एसएचओ वरिंदर पाल सिंह उप्पल ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसे मामूली विवादों को परिवार के बुजुर्ग या गांव की पंचायत स्तर पर सुलझाया जाए और अगर समाधान न निकले तो पुलिस की मदद ली जाए ताकि पुलिस दोनों पक्षों की बात को सुनकर मामले का कोई उचित हल निकाल सके और बात आगे बढ़ने की बजाए वही खत्म हो।

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