
नेशनल डेस्क : आज की वैश्विक राजनीति और सुरक्षा परिदृश्य में, दुनिया के कई हिस्से ऐसे हैं जहां युद्ध या तनाव की स्थिति बनी हुई है। रूस और यूक्रेन, इज़राइल और गाज़ा और कभी-कभी भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के बीच हालात इतनी गंभीरता ले चुके हैं कि ये न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ रहा है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
उत्तरी बुर्किना फासो में भीषण आतंकी हमला
बता दें कि दुनिया के कई हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों में इजाफा हो रहा है और अब अफ्रीका के पश्चिमी हिस्से में स्थित उत्तरी बुर्किना फासो में भीषण आतंकी हमला सामने आया है। इस हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय निवासियों और सहायता कर्मियों के अनुसार, मरने वालों में ज्यादातर सैनिक थे। यह हमला रविवार सुबह शुरू हुआ था और आतंकियों ने इसे कई चरणों में अंजाम दिया। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
हमले की जिम्मेदारी JNIM ने ली
दरअसल, इस हमले की जिम्मेदारी ली है अल-कायदा से जुड़े एक जिहादी संगठन – जमात नस्र अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (JNIM) ने। यह संगठन अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में काफी सक्रिय है और कई बार बड़े आतंकी हमलों में शामिल रह चुका है। बुर्किना फासो हाल के वर्षों में हिंसक उग्रवाद और आतंकवाद का केंद्र बन चुका है, जिसे अब एक वैश्विक आतंकवादी हॉटस्पॉट माना जाने लगा है।
एक साथ आठ स्थानों पर हमला
रविवार सुबह लगभग 6 बजे आतंकियों ने बुर्किना फासो में एक साथ आठ अलग-अलग इलाकों को निशाना बनाकर हमले शुरू किए। यह हमले इस तरह किए गए कि देश की वायुसेना और सैन्य बलों को भ्रमित और तितर-बितर किया जा सके। अचानक और एकसाथ किए गए इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया।
जिबो शहर में सबसे बड़ा हमला
इस श्रृंखलाबद्ध हमले का मुख्य केंद्र बना जिबो शहर, जो पहले से ही आतंकियों के निशाने पर था और काफी समय से घेरे में था। समाचार एजेंसी AP (एसोसिएटेड प्रेस) की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकियों ने पहले शहर के सभी प्रवेश द्वारों पर कब्जा कर लिया और फिर सैन्य शिविरों और आतंकवाद विरोधी विशेष यूनिट के कैंप पर हमला किया। इससे साफ है कि यह हमला पूरी तरह से योजना बनाकर और रणनीति के तहत अंजाम दिया गया।
बुर्किना फासो: एक संकटग्रस्त देश
बुर्किना फासो की कुल जनसंख्या लगभग 2.3 करोड़ (23 मिलियन) है। यह देश अफ्रीका के उस हिस्से में स्थित है जिसे साहेल क्षेत्र कहा जाता है – एक ऐसा इलाका जो जलवायु संकट, राजनीतिक अस्थिरता और अब लगातार आतंकवादी हमलों की वजह से गंभीर सुरक्षा चुनौती से जूझ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, इस देश ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हजारों जानें गंवाई हैं और लाखों लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हो चुके हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...