नेशनल डेस्क। बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव से सामने आया है, जहां दो मासूम बच्चों को सोते वक्त जिंदा जलाकर मार दिया गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार मारे गए बच्चों की उम्र करीब 10 और 12 साल थी। वे घर में अकेले थे और सो रहे थे, तभी यह घटना घटी। उनके माता-पिता उस समय घर पर नहीं थे। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
माता-पिता ने कहा- हम ड्यूटी पर थे, बच्चे घर में थे
बच्चों के पिता ने बताया कि वे चुनाव आयोग में कार्यरत हैं और उनकी पत्नी एम्स (AIIMS) में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करती हैं। दोनों अपने-अपने काम पर गए हुए थे। बच्चे स्कूल से लौटकर घर में सो रहे थे। तभी किसी ने घर में घुसकर आग लगा दी। जब वे सूचना पाकर पहुंचे तो देखा कि बच्चे बिस्तर पर जली हालत में पड़े हैं।
परिजनों का आरोप: दबंगों ने जानबूझकर लगाई आग
परिवार वालों और गांव के लोगों ने इस घटना को सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ दबंगों ने जानबूझकर घर में आग लगाई ताकि बच्चों की हत्या की जा सके।
मौके पर पहुंची FSL टीम, जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुला लिया है। इसके साथ ही डॉग स्क्वॉड और स्पेशल टीम भी मौके पर पहुंच गई है। पूरे घर और आसपास की गहन जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
#WATCH | Patna | Two children die in house fire at Nagwa village in Danapur. Police present on the spot of the incident, further investigation underway.
Phulwari Sharif DSP 2, Deepak Kumar says, “The two children died after being burnt… The father of the kids works in the… pic.twitter.com/MiO8Wr1RrX
— ANI (@ANI) July 31, 2025
मामले संबंधी सभी पहलुओं पर होगी जांचः SDPO
फुलवारी शरीफ के एसडीपीओ दीपक कुमार ने कहा कि दो बच्चों की आग में जलकर मौत की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर जांच शुरू कर दी गई है। परिजन कुछ लोगों पर संदेह जता रहे हैं, इसलिए हर बिंदु पर जांच की जा रही है। अगर किसी की लापरवाही या साजिश पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई होगी।
परिजनों ने की मांग, दोषियों को मिले कड़ी सजा
परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों का भी यही कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
यह घटना न केवल पटना में बढ़ते अपराध को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि आखिर बच्चों तक सुरक्षित नहीं रहे। प्रशासन पर अब यह जिम्मेदारी है कि वह दोषियों को जल्द पकड़े और सख्त सजा दिलाए।