नेशनल न्यूज: लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई के दौरान बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष कोर्ट ने उनके खिलाफ निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साथ में दिल्ली हाई कोर्ट को आदेश दिए हैं कि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाए। हालांकि कोर्ट ने लालू यादव को निचले कोर्ट में पेशी के दौरान छूट दी है। इससे बिहार के पूर्व सीएम को थोड़ी राहत मिली है।
बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो ने थोड़े समय पहले सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इससे पहले लालू यादव ने कार्यवाही पर रोक को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। इसको भी न्यायालय ने खारिज कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि लालू यादव की मांग का कोई ठोस कारण नजर नहीं आ रहा है। मामले की सुनवाई 12 अगस्त तक स्थगित करते हुए हाई कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस भी जारी किया था।
Supreme Court refuses to entertain Rashtriya Janata Dal (RJD) Chief Lalu Prasad Yadav’s plea against Delhi High Court’s refusal to stay trial court proceedings against him in the land-for-jobs scam case #SupremeCourt pic.twitter.com/Wew0cKfY7e
— Bar and Bench (@barandbench) July 18, 2025
याचिका में की गई डिमांड
लालू प्रसाद यादव ने अपनी याचिका में एक FIR और 2022, 2023 और 2024 में दर्ज आरोप पत्रों को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने हवाला दिया था कि रिपोर्ट दर्ज करने में 14 साल का समय लग गया। सीबीआई की ओर से मामले की जांच प्रारंभिक पूछताछ के बाद कोर्ट के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के बाद बंद कर दी गई थी।
पिछली पड़ताल और क्लोजर रिपोर्ट के बाद अब नए सिरे से जांच शुरू करना कहीं न कहीं कानून का दुरुपयोग है। यह जांच सही नहीं है, उनको मौलिक अधिकारों को भी उल्लंघन है। इस तरह शुरू की गई कोई भी जांच मान्य नहीं हो सकती है।
यह था मामला
मामला 2004 से 2009 के बीच का है। उस समय लालू रेल मंत्री थे। इस दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित इंडियन रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी की भर्ती की गई थी। आरोप है कि इन नौकरियों के बदले लालू परिवार और कुछ अन्य लोगों को जमीनें उपहार में दी गईं। मामले में 18 मई 2022 को लालू, उनकी वाइफ, 2 बेटियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

